जमशेदपुर : पूरे राज्य के साथ ही पूर्वी सिंहभूम के अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मी भी अपनी मांगों को लेकर आज बेमियादी हड़ताल पर चले गये. झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी संघ, झारखंड अनुबंधित एएनएम, जीएनएम संघ के बैनर तले शुरू इस हड़ताल के तहत जिले के स्वास्थ्य अनुबंध कर्मी भी जिला सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गये हैं. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर बहाल ये कर्मी विगत 16-17 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनके स्थायीकरण को लेकर राज्य सरकार से उनकी कई दौर की वार्ताएं भी हो चुकी हैं, किन्तु अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है. इससे निराश होकर इन अस्थायी कर्मियों ने थक-हार कर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करते हुए पूर्वी सिंहभूम समेत पूरे राज्य के लगभग 10,000 अनुबंध कर्मियों ने आज आंदोलन का बिगुल फूंक दिया. झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी संघ, झारखंड अनुबंधित एएनएम-जीएनएम संघ के बैनर तले ये अस्थायी कर्मी आज अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. (नीचे भी पढ़ें)
पारा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं, वहीं जानकारी देते हुए एएनएम जीएनएम संघ के अध्यक्ष कांति देवी ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार आंदोलन किया, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें झूठे आश्वासन दिये जाते रहे. उन्होंने कहा कि अगर सरकार किये वायदों को पूरा कर उन्हें नियमित नहीं करती तो वे सभी आगामी 24 तारीख से आमरण अनशन शुरू करने पर बाध्य होंगे. (नीचे भी पढ़ें)
दूसरी ओर राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ ने भी इन अनुबंध आधारित कर्मियों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है. झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी रवींद्र नाथ ठाकुर ने इनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार का ध्यान इस ओर जल्द से जल्द ध्यान देते हुए उनके स्थायीकरण की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है.












