जमशेदपुर : जमशेदपुर में साइबर ठगों ने जनवरी से लेकर नवंबर माह तक 1.71 करोड़ की ठगी की वहीं जमशेदपुर पुलिस के साइबर सेल ने लोगों के 28 लाख रुपए वापस कराए. इसके अलावा झारखंड में पहली बार जमशेदपुर पुलिस ने तीन साइबर ठगों को सजा दिलाई थी. इस साल जमशेदपुर पुलिस के 400 पुलिस कर्मी कोरोना पॉजिटिव हुए जिसमे से 7 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई. साल के अंत में जिले के पुलिस कप्तान एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन ने जमशेदपुर पुलिस की उपलब्धियां गिनवाई. उन्होंने बताया कि साल 2021 में कोरोना को लेकर पुलिस ने कई दिक्कतों का सामना किया है. बंदी के दौरान पुलिस फ्रंट लाइन वॉरियर बनकर आगे आई और बंदी के दौरान काम किया. कोरोना काल में न्यायालय में भी वर्चुअल तरीके से सुनवाई हुई जिससे पुलिस को स्पीड ट्रायल में दिक्कत आई थी. (नीचे देखे पूरी खबर)
जनवरी से नवंबर तक 4181 मामले दर्ज 4615 मामलों का निबटारा
जमशेदपुर पुलिस ने साल 2021 में जनवरी से नवंबर तक कुल 4181 मामले दर्ज किए जिसमे से पुराने मामलों को लेकर 4615 मामलों का निबटारा किया. इसमें आर्म्स एक्ट के कुल 2292 मामले थे. वहीं एनडीपीएस एक्ट में पुलिस ने कुल 75 मामले दर्ज किए जिसमे कुल 3 किलो ब्राउन शुगर और 150 किलो गांजा बरामद किया गया. पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में कुल 121 आरोपियों को जेल भेजा जिसमे 110 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल है. पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट मामले में 7 लोगों को सजा भी दिलवाई है. (नीचे देखे पूरी खबर)

झारखंड में पहली बार साइबर ठगों को दिलवाई सजा
जमशेदपुर पुलिस ने झारखंड में पहली बार तीन साइबर ठगों को सजा दिलवाई. जनवरी से नवंबर के बीच साइबर ठगों ने 1.71 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जिसमे 28 लाख रुपए वापस कराए गए. पिछले साल रिकवरी का आंकड़ा 19 लाख का ही था.
नक्सली से जुड़े तीन मामले दर्ज, कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत तीन लाख खर्च
इस साल पुलिसने नक्सली से जुड़े तीन मामले दर्ज किए वहीं कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत पुलिस ने गांव गांव जाकर लोगों के बीच समान वितरण किया. इस साल 1400 वारंट निकले जिसमे से पुलिस ने 1200 वारंट को निष्पादित कर दिया है. 9 कुर्की जब्ती में से 8 कुर्की जब्ती हो गई है, एक मामला नक्सल क्षेत्र से जुड़ा है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा.
12 अपराधी तड़ीपार, 313 लोगों के नाम गुंडा पंजी में शामिल
इस साल पुलिस ने 12 अपराधियों को तड़ीपार किया जिसमे से तीन थाना हाजिरी में है. 532 अपराधी निगरानी प्रस्ताव में है जबकि इस बार 313 अपराधी के नाम गुंडा पंजी में शामिल किए गए है.
2022 में इंफ्राटेक्चर पर होगा जोर, अधिकारियों को होगी ट्रेनिंग
एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन ने बताया कि कोरोना काल में कई पुलिस अधिकारियों ने अपनी ट्रेनिंग पूरी नहीं की है. इस साल ट्रेनिंग पहली प्राथमिकता होगी वहीं पुलिस द्वारा इंफ्राटेक्चर डेवलपमेंट पर जोर रहेगा. मानगो थाना के लिए जमीन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है वहीं श्यामसुंदरपुर थाने के लिए भी नया भवन का प्रस्ताव है. बर्मामाइंस थाना को भी जल्द ही बनाया जायेगा. वाहन चोरी को रोकने के लिए टीम का गठन किया गया है जो वाहन चोरों के खिलाफ काम करेगा. साकची और बिष्टुपुर में लाइट सिग्नल लगाने की प्रक्रिया को पूरा किया जायेगा. सड़कों पर लगे सीसीटीवी को अपग्रेड कर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी. इसके अलावा नशे का कारोबार करने वाले वाले लोगों को पुलिस पकड़ने का काम करेगी.




