जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला युवा कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष मंगलदेव सिंह उर्फ सन्नी सिंह के नेतृत्व में बिहार के नवयुवक भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में हुई हत्या के विरोध में साकची गोलचक्कर स्थित बिहार सरकार एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं कांग्रेसजनों ने भाग लेकर घटना के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश कोऑर्डिनेशन कमिटी के सदस्य आनंद बिहारी दुबे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि किसी राज्य में कानून के रक्षक ही निर्दोष युवाओं की जान लेने लगें तो यह लोकतंत्र और संविधान के लिए अत्यंत चिंताजनक विषय है. उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मृत्यु केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों पर सीधा हमला है. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं, प्रशासनिक विफलता तथा कथित फर्जी मुठभेड़ों की घटनाएं राज्य सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती हैं. यदि किसी व्यक्ति पर कोई आरोप था तो उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, न कि कानून को अपने हाथ में लेकर उसकी जान ले ली जाए। यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की भावना के विपरीत है. श्री दुबे ने मांग की कि भरत भूषण तिवारी की मौत की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए. उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, कांग्रेस पार्टी न्याय की लड़ाई को निरंतर जारी रखेगी. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सरकार नैतिक रूप से शासन करने का अधिकार खो चुकी है. ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए अथवा केंद्र सरकार को हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए. (नीचे भी पढ़े)
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में हुई हत्या लोकतंत्र, संविधान और मानवाधिकारों की निर्मम हत्या है. किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस को न्यायालय का स्थान लेने का अधिकार नहीं है. बिहार सरकार की विफलता और प्रशासन की मनमानी ने एक युवा की जान ले ली. हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो, दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया जाए तथा मुख्यमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ें. कांग्रेस पार्टी अन्याय और दमन के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी.







