जमशेदपुर : अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् की जमशेदपुर शाखा ने शनिवार को कारगिल दिवस (26 जुलाई) के अवसर पर गोलमुरी शहीद स्मारक स्थल पर सम्मान समारोह का आयोजन किया. समारोह में सेना के तीनों अंगों के सेवानिवृत्त पूर्व जांबाज सैनिकों ने कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए 527 फौजियों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सेना के जोश, जुनून एवं उनकी देशभक्ति के जज्बे को समर्पित उक्त आयोजन में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में शहर के आम नागरिकों ने भी हिस्सा लिया. (नीचे भी पढ़ें)

कारगिल के वीर शहीदों, वीर सैनिकों एवं उनके परिजनों के सम्मान में आयोजित उक्त समारोह शहीद स्मारक पर मुख्य अतिथियों एवं अन्य लोगों द्वारा पुष्प अर्पण एवं वीर शहीद अमर रहे के नारों के साथ आरंभ हुआ. इस अवसर पर परिषद् के सदस्य हवलदार बिरजू ने कहा कि संगठन को वीर शहीदों एवं युद्ध-नायकों पर हमेशा गर्व रहेगा. कोशिश एवं मुस्कान संस्था के संरक्षक शिवशंकर सिंह ने युद्धवीरों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया. कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज ही के दिन टाइगर हिल्स पर भारतीय सेना ने तिरंगा लहराया था. उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के नापाक इरादों को नेस्तनाबूद करने के लिए कारगिल का युद्ध लड़ा गया था. अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता एवं पराक्रम का परिचय देते हुए कहा कि हमारी फौज ने दुश्मन की सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया था. उन्होंने वीर शहीद बत्रा द्वारा कही गई बातों को युवाओं के लिए प्रेरक बताते हुए दोहराया- ‘तिरंगा लहरा के आऊंगा या तिरंगा में लिपट कर, लेकिन आऊंगा जरूर.’ (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर विजय पताका फहराया था, उसी दिन से 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है.मौके पर मुख्य अतिथि शिवशंकर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों द्वारा इतना सुनियोजित कार्यक्रम देख कर वे खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने पूर्व सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि अमर बलिदानियों के सम्मान में आपके द्वारा किया गया हर कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है. उन्होंने कहा कि कारगिल में भारतीय सैनिकों ने जिस पराक्रम का परिचय दिया, उसका शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता. हमारे सैनिकों ने बर्फीली चोटियों को पाकिस्तानी सैनिकों से मुक्त कराने के लिए शहादत दी और बहादुरी पूर्वक हमने अपनी जगह वापस पा ली. ऐसा दुर्गम युद्ध शायद ही इस दुनिया में लड़ा गया होगा. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर बजरंग दल के मुन्ना दुबे, क्रीड़ा भारती के प्रांतीय मंत्री राजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिक परिवेश के लिए सेना के लोग एक उदाहरण हैं. संयोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस समारोह को सफल बनाने में विश्व हिंदू परिषद के हरेराम ओझा, बजरंग दल के मुन्ना दुबे, वीओसी हरि राजपूत एवं टीम हेल्पिंग हैंड के, बागबेड़ा हेल्पिंग हैंड बॉयज के राम जी एवं टीम, क्रीड़ा भारती से सुभाष कुमार, तुलसी भवन एवं संगठन के जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह,बिरजू कुमार, सुखविंदर सिंह, जितेन्द्र सिंह, मनोज सिंह, निर्मल कुमार, दीपक शर्मा, नवल किशोर पाठक, जसबीर सत्येंद्र कुमार सिंह या भूषण शर्मा, कृष्ण मोहन सिंह, शशि भूषण सिंह, नवीन कुमार सिन्हा, गौतम लाल,दयानंद सिंह, अमोद कुमार सत्य प्रकाश पंकज शर्मा संतोष कुमार मिश्रा एलबी सिंह किशोर प्रसाद राजीव कुमार राजीव कुमार. अनुपम शर्मा, विकास कुमार, गोविंद राव, शशि भूषण सिंह, रामबाबू गोपाल कुमार अजीत कुमार सिंह, संजय कुमार श्रीवास्तव शेखर तिवारी, एसपी प्रसाद एवं आम नागरिक उपस्थित रहे.



