
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के बुरूडीह डैम से सटे साल जंगल में 18 हाथियों का झुंड विगत तीन-चार दिनों से शरण लिये हुए हैं. हाथियों के झुंड के आने से ग्रामीण भयभीत हैं. शाम होते ही हाथियों का झुंड जंगल से बाहर निकलकर जमकर उत्पात मचा रहा है. खेत में प्रवेश कर धान समेत अन्य फसलों को पैरों तले रोंदकर और खा कर नष्ट कर रहा है. इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड बुरूडीह डैम से सटे जंगल और आस-पास में बीते चार दिनों से डेरा डाले हुए है. अभी एक तरफ लॉकडाउन में रोजगार के लिये लोगों का घर से निकलना मुश्किल है, वही गांव के किसानों की फसल भी हाथियों ने रौंद दी है. अपनी फसल को बर्बाद होता देखकर गांव के किसान मुआवजा की गुहार लगा रहे हैं. हाथियों का आतंक इस कदर है कि गांव के आस पास खुले तौर पर हाथियों को विचरण करते देखा जा सकता है. झुंड में 18 हाथी हैं, जिसमें सात बच्चे भी हैं. खुले तौर पर हाथियों के झुंड के इस तरह घूमने पर ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल है. किसान अपनी फसल को बर्बाद होता देख कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं, हलाकि अपना जान जोखिम में डाल कर भी कुछ ग्रामीण हाथियों को खदेड़ने में जुटे हुए हैं. (नीचे भी पढ़ें)

बुरुडीह डैम के आस-पास पिछले चार दिनों से हाथियों का झुंड शरण लिये हुए है. शाम होते ही हाथियों का झुंड गांव की और रुख कर रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि पूरे कालचिति पंचायत में हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है. बीती रात को 18 हाथियों के झुंड ने कालचिति, पूर्णापानी, बांधडीह, चेंगजोड़ा, बनटोला, धोबनी, डोपकोडीह, बुरुडीह, हीरागंज, रामचंद्रपुर, मकड़ा कालापाथर आदि गांव में धान, गेहूं और सब्जी की फसलों को पैरों तले रौंद कर नष्ट कर दिया है. फसलों की रक्षा के लिए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं. ग्रामीणों ने किसी तरह हाथियों को भूतियाकोचा की ओर खदेड़ दिया है. पंचायत में हाथियों द्वारा फसल को नुकसान करने की सूचना पर जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर क्षति का आंकलन किया. उन्होंने ग्रमीणो से कहा कि हाथियों से दूरी बनाएं रखें. जंगल मे शरारती तत्वों द्वारा आग लगाये जाने के कारण खाने-पीने के अभाव में हाथी गांव की और रुख कर रहे हैं. उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है.





