जादूगोड़ा : पोटका प्रखंड क्षेत्र के ग्वालकाटा पंचायत अंतर्गत चंदनपुर गांव में 25 लाख की लागत से बनने वाली जाहेर थान की चहारदीवारी के लिए लाभुक समिति के गठन को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है. गांव की लाभुक समिति के अध्यक्ष मकरो हेंब्रम की अगुआई में ग्रामीणों ने दूसरी लाभुक समिति का गठन का जोरदार विरोध करते हुए प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार किया. पोटका प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह की मौजूदगी में दूसरी ग्राम सभा के गठन का ग्रामीणों द्वारा विरोध किये जाने के कारण लाभुक समिति के पुनर्गठन के लिए आयोजित ग्रामसभा बेनतीजा रही. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं दूसरी ओर ग्रामसभा के जरिए जाहेरथान की चहारदीवारी के निर्माण को लेकर गांव में दो लाभुक समितियों के गठन से योजनाओं के अमली जामा पहनाने पर ग्रहण लगता दिख रहा है. चंदनपुर के निवासियों के एक गुट के नेता मकरो हेंब्रम ने कहा कि गांव में जाहेरथान निर्माण के लिए लाभुक समिति का 8 मई, 2025 को ही गठन हो चुका है जिसके अध्यक्ष वे (मकरो हेंब्रम), सचिव जादू हेंब्रम व कोषाध्यक्ष सिंगराई हांसदा का चयन के लिए हुई ग्रामसभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामेश्वर हेंब्रम ने की थी. अब दूसरी लाभुक समिति बनने का सवाल ही नहीं उठता. मकरो हेंब्रम ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोग फर्जी ग्रामसभा दिखाकर राजनीतिक साजिश रच कर पूर्व की समिति को भंग कराने में जुटे हैं, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है. वर्तमान लाभुक समिति के अध्यक्ष मकरो हेम्ब्रम की अगुआई में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन कर दूसरे गुट की ग्रामसभा को रद्द करने की मांग उठाई. (नीचे भी पढ़ें)

मकरो ने कहा कि असल में पहले ही ग्राम सभा हो चुकी है व पूर्व में लाभुक समिति को गांव की 70 प्रतिशत आबादी का समर्थन प्राप्त है, जबकि दूसरे गुट के नायके रघुनाथ सोरेन का कहना है कि पोटका प्रखंड कार्यालय की ओर से चंदनपुर गांव के जाहेरथान में 11 जून को ग्रामसभा आयोजित कर लाभुक समिति का गठन किया गया, जिसमें ग्राम प्रधान रघुनाथ सोरेन अध्यक्ष व नायके बाबा छोटराय सोरेन सचिव चुने गए हैं. अब एक ही योजना को लेकर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह को पंचायत सचिव सूरज कुमार की मौजूदगी में गांव में दो लाभुक समितियों के गठन की प्रतियां सौंपे जाने से विवाद गहरा गया है. अब यह देखना है कि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी किस लाभुक समिति को मान्यता प्रदान करते हैं. इस बाबत प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह ने कहा कि गांव में लाभुक समिति को लेकर विवाद चरम पर है, जिसकी शिकायत जिला कल्याण पदाधिकारी को भेजी जाएगी. वहां से फैसला आने के बाद ही योजनाओं को धरातल पर उतरा जा सकेगा.







