
चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड की बड़ामारा पंचायत के मुढ़ाल गांव में सिर्फ बरसात में ही किसान धान की खेती करते थे. क्षेत्र के किसान खेती के लिए बरसात पर ही निर्भर रहकर एक ही फसल की खेती करते थे परंतु अब गांव में बिजली संचालित पंप लग जाने से गांव के किसान अब गरमा धान की भी खेती कर रहे हैं. गांव के किसानों ने कहा कि पहले गांव में सिंचाई के लिए पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण किसान साल में एक बार ही धान की फसल कर पाते थे और फसल की सिंचाई के लिए पूर्ण रूप से मानसून पर निर्भर रहते थे, बरसात के मौसम में बारिश अच्छी हुई तो फसल अच्छी होती थी वरना उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता था. अब गांव में परिस्थिति बदल गई है. (नीचे भी पढ़ें)

गांव में बिजली से संचालित की मोटर पंप लग गया है, पंप लगने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रही है. किसानों ने कहा कि अब गांव के लगभग हर किसान ने इस वर्ष गरमा धान की खेती कर रहे हैं. कहा कि गांव के खेत में पंप लगने से सालों भर खेत में हरियाली रहती है और किसान भी साल में दो बार धान की खेती कर लाभान्वित हो रहे हैं. कहा कि प्रखंड के अधिकांश गांव में सिंचाई की पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण खेत बंजर पड़ी रहती है. अगर सरकार और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि किसानों के लिए हर खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था कराएं तो प्रखंड के हर गांव के किसान साल में दो बार धान की खेती कर अपनी जीवन स्तर को ऊपर उठा सकते हैं.



