
चाकुलिया : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे पहाडों पर बसा चाकुलिया प्रखंड की बरडीकानपुर – कालापाथर पंचायत के पोचापानी गांव के सबर परिवार इन दिनों जीवन यापन करने के लिए जंगल पर आश्रित है. टोला के सबर परिवार जंगल से पत्ता तोड़कर और साल पेड़ पर लगने वाली लालचिटी (कुरकूट) चुनकर जीवन बसर कर रहे हैं. सबर परिवार के लोगों ने कहा कि कोरोना काल में उन्हें बाहर मजदूरी नही मिल रही है, जिस कारण उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही हैं. सबरों ने कहा कि सरकार से चावल तो मिल रहा है परंतु नमक, तेल समेत अन्य सामग्रियों को खरीदने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती हैं, रोजगार नही मिलने के कारण उनके समक्ष आर्थिक समस्या हो रही हैं. सबर परिवार इन दिनों रोजगार के लिए पूर्ण रूप से जंगल पर आश्रित है. सबर टोला के खांदी सबर ने बताया कि वह जंगल सुबह गई थी, पांच, छह घंटा जंगल में घूम घूमकर पेड़ में लगे लालचिटी (कुरकूट) दो से तीन किलो चुनकर लायी है. कहा कि कुरकूट को बेचकर वह अपनी आवश्यकता की समान की खरीद करेंगी. कहा कि वह बाजार और गांव में घूम घूमकर प्रति खाला 10 रूपये की दर से कुरकूट बेचकर 200-250 सौ रूपये की कमाई करेगी और घर की जरूरतमंद समान की खरीदारी करके जीवन यापन करेगी. इसी तरह टोला के अन्य सबर परिवार भी जंगल से पत्ता और अन्य वन सामग्री को बेचकर जीवन यापन कर रहे हैं.







