पोटका : प्रखंड के धीरोल पंचायत भवन में 3 लाख 60 हजार रुपये की लागत से चल रहे रंगाई-पुताई एवं मरम्मत कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत भवन पहुंचकर कार्य का विरोध जताया और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की. ग्रामीणों में शामिल दीपक मंडल, संजीत भकत, कृपा सिंधु भकत, लक्ष्मी पोदो भकत एवं विक्की गोप ने आरोप लगाया कि बिना कार्यकारिणी की बैठक और ग्राम सभा आयोजित किए ही योजना का चयन कर लिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है. उनका कहना है कि 15वें वित्त आयोग की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किये जाने की बात सामने आ रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार हो रहा कार्य सरकारी धन की बर्बादी के समान है. (नीचे भी पढ़ें)
मामले को लेकर जब ग्रामीणों ने पंचायत सचिव मुकुलीका हलदर एवं जेई मनोज महाली से जानकारी लेनी चाही, तो दोनों अधिकारियों ने योजना से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया. इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया. नाराज ग्रामीणों ने पंचायत सचिव एवं जेई को तत्काल हटाने की मांग की है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही पोटका बीडीओ को मांग पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी.




