
चाकुलिया : बंगाल सीमा से सटे पहाडों पर बसा गांव चाकुलिया प्रखंड की बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के जोभी गांव में कई बीघा में लगे टमाटर के पौधे अज्ञात बीमारी के कारण मर रहे हैं. टमाटर के पौधे मरने से किसानों को हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा है. गांव के जामिनी कांत महतो, अनिल महतो, सुधीर महतो, चुना महतो, दीपक महतो, राजदूत महतो, बबलू मुंडा, अजय महतो, सुसेन महतो, गोउर महतो, पाथर मांडी समेत अन्य किसानों ने लगभग 30 बीघा जमीन पर टमाटर की खेती की थी. किसानों ने कहा कि पौधा में अज्ञात बीमारी होने से सारा टमाटर का पौधा मरने लगा है, इससे उन्हें उनकी नुकसान पहुंचा है.
जामिनी कांत महतो ने कहा कि उन्होंने 15 हजार टमाटर का पौधा लगाया था, खेती में 7-9 हजार रुपये खर्च हुआ था. कहा कि वह हर वर्ष टमाटर की खेती कर 40-50 हजार रुपये मुनाफा कमाते थे, परंतु इस वर्ष उन्हें खेती का खर्च भी नहीं उठा पाये. सारा टमाटर का पौधा मर गया है. कहा कि पौधों को बचाने की हर संभव प्रयास किया, कृषि पदाधिकारी और सलाहकारों ने जैसा उपचार करने की बात कही वैसा किया, परंतु टमाटर के पौधे को बचा नही पाये. धीरे-धीरे सारे पौधे मर गये. इससे उन्हें नुकसान हुआ है. विदित हो की जोभी गांव टमाटर की उपज करने में क्षेत्र में विख्यात है. हर वर्ष गांव में कई क्विंटल टमाटर को किसान बाजार लाकर बेचकर अपनी जीविका अर्जित करते थे. टमाटर की खेती में इस वर्ष अज्ञात बीमारी होने से गांव के किसानों को हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा है.







