जमशेदपुर/पटमदा : पटमदा के बटालुका में शनिवार को नक्सल विरोधी सर्च अभियान के दौरान पुलिस को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए जाने की खबर का ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने खंडन किया है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ी नक्सली गतिविधियों को देखते हुए पुलिस लगातार सर्च अभियान चला रही है। शनिवार को भी पुलिस टीम कुछ ग्रामीणों को पूछताछ के लिए रोककर जानकारी जुटा रही थी, जिसे लेकर ग्रामीणों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई. ग्रामीण एसपी ने रविवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब में बताया कि पुलिस टीम ग्रामीणों को समझाने और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ पूरी करने के लिए करीब आधे से एक घंटे तक मौके पर रुकी थी. पूछताछ पूरी होने के बाद सभी लोगों को छोड़ दिया गया और पुलिस टीम वापस लौट गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को बंधक बनाए जाने जैसी कोई स्थिति नहीं थी. (नीचे भी पढ़ें)
सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस को घेरा
बताते चलें कि शनिवार सुबह बटालुका स्थित कीतापाठ जाहेरथान के पास नक्सल विरोधी सर्च अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को ग्रामीणों की भीड़ ने घेर लिया. ग्रामीण शनिवार को हिरासत में लिए गए तीन लोगों के साथ पूर्व से हिरासत में मौजूद युधिष्ठिर महतो को भी छोड़ने की मांग कर रहे थे. भारी बारिश के बीच करीब सुबह पांच बजे शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया और मौके पर ग्रामीणों की संख्या बढ़ती गई. भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग का प्रस्ताव भी सामने आया, लेकिन पटमदा थाना प्रभारी विष्णु चरण भोक्ता ने इससे इनकार करते हुए बातचीत के जरिए स्थिति संभालने का निर्णय लिया. उन्होंने जवानों को निर्देश दिया कि ग्रामीण अपने ही लोग हैं और उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए. इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत शुरू की और उनकी नाराजगी व भ्रम को दूर करने का प्रयास किया. (नीचे भी पढ़ें)
चार घंटे तक चला गतिरोध
करीब चार घंटे तक चले गतिरोध के दौरान थाना प्रभारी लगातार ग्रामीणों के संपर्क में रहे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरीय अधिकारियों को देते रहे. इस दौरान कुछ स्कूली छात्र भी थाना प्रभारी के समर्थन में सामने आए. बाद में सारी, आमदापहाड़ी, बटालुका और अपो गांवों के ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि खगेंद्र नाथ सिंह और जिला पार्षद प्रदीप बेसरा ने भी गतिरोध समाप्त कराने में भूमिका निभाई. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस-पब्लिक संवाद का दिखा असर
बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी विष्णु चरण भोक्ता द्वारा पिछले कुछ महीनों से पुलिस-पब्लिक रिलेशन रिफॉर्म के तहत ग्रामीणों के साथ लगातार बैठक और संवाद किया जा रहा है. शनिवार की घटना में भी इस संवाद का सकारात्मक असर देखने को मिला और स्थिति बिना बल प्रयोग के सामान्य हो गई.थाना प्रभारी विष्णु चरण भोक्ता ने कहा कि ग्रामीणों के बीच कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी. आपसी संवाद के माध्यम से भ्रम को दूर कर स्थिति सामान्य कर ली गई.




