पटमदा: पटमदा प्रखंड की जोड़सा पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय राजाबासा में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. विद्यालय की सोलर संचालित जलमीनार पिछले आठ महीने से खराब पड़ी है, जबकि एकमात्र हैंडपंप भी करीब दो महीने से बंद है. इससे विद्यालय में पढ़ने वाले 36 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए रसोइयों को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है. इसी पानी का उपयोग बच्चों के पीने के लिए भी किया जाता है. पानी की कमी के कारण भोजन के बाद बच्चे विद्यालय परिसर से सटे डोभा में जाकर अपने बर्तन धोने को मजबूर हैं. बरसात के कारण डोभा पानी से भरा हुआ है, जिससे छोटे बच्चों के फिसलकर हादसे का शिकार होने का खतरा बना हुआ है. विद्यालय के प्रभारी शिक्षक धनंजय मुर्मू ने बताया कि जलमीनार खराब होने की सूचना कई महीने पहले ही पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को दी गई थी. (नीचे भी पढ़ें)

संबंधित अधिकारियों ने जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने बताया कि विद्यालय का हैंडपंप खराब होने पर बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए उन्होंने अपने निजी खर्च से एक बार उसकी मरम्मत भी कराई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वह फिर खराब हो गया. इसके बाद से विद्यालय पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे चल रहा है।
इधर, इस मामले में पटमदा के बीडीओ डॉ राजेंद्र कुमार दास ने कहा कि उन्हें अब तक इसकी जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पंचायत सचिव को विद्यालय भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाएगा और पेयजल व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे.




