
जमशेदपुर : जमशेदपुर के टेल्को वर्कर्स यूनियन के पूर्व पदाधिकारी और स्वर्गीय गोपेश्वर के नजदीकी युगल यादव का गुरुवार को निधन हो गया. उनके निधन के बाद एक कद्दावर मजदूर नेता को शहरवासियों ने खो दिया. युगल किशोर यादव 76 साल के थे. वे अपने पीछे अपने बेटे बिनोद प्रसाद और उनका भरा-पूरा परिवार छोड़ गये है. स्वर्गीय किशोर यादव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को साकची के सुवर्णरेखा बर्निंग घाट में की जायेगी. वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका निधन जमशेदपुर के टेल्को क्षेत्र स्थित टाटा मोटर्स के क्वार्टर में हुआ.उनकी बहन बिहार से आने वाली है, जिस कारण उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जायेगा. स्वर्गीय किशोर यादव के भतीजे ज्योतिष यादव भी कांग्रेस के युवा नेता में से एक है.

स्वर्गीय युगल यादव काफी पुराने व संघर्षपूर्ण मजदूर नेता थे. वे मजदूर हितों को लेकर टाटा मोटर्स और टेल्को में लगातार आवाज उठाते रहे थे. 1969 में उनकी इसी आंदोलन के कारण नौकरी चली गयी थी. करीब दस साल तक उनकी नौकरी चली गयी थी, जिसकी बाद में ज्वाइनिंग करायी गयी, लेकिन उन्होंने अपनी नौकरी बेटे को दे दी. लेकिन उसमें भी अपने नजदीकी कार्यकर्ताओं का पूरा ख्याल रखा. पहले सबका ज्वाइनिंग कराया, फिर अपने बेटे की ज्वाइनिंग करायी. वे एचवी एक्सल व एचवी ट्रांसमिशन यूनियन के भी पदाधिकारी रहे थे जबकि टेल्को वर्कर्स यूनियन के कद्दावर नेता रहे थे. इस तरह टेल्को वर्कर्स यूनियन में स्वर्गीय गोपेश्वर और रविंद्र सिंह के बाद युगल किशोर यादव ही ऐसे नेता थे, जो उस काल के बड़े नेता थे. उनके निधन से मजदूर जगत मर्माहत है.

युगल किशोर यादव के निधन से रघुवर दास मर्माहत
टेल्को वर्कर्स यूनियन (अब टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन) के पूर्व महासचिव युगल किशोर यादव के निधन से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास काफी मर्माहत हैं. उन्होंने उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए गहरा शोक प्रकट किया है. श्री दास ने कहा है कि श्री यादव एक मृदुभाषी एवं मिलनसार व्यक्ति थे। वे हमेशा मजदूर हित के प्रति सतर्क और तत्पर रहते थे. टेल्को वर्कर्स यूनियन के ही नहीं जमशेदपुर के श्रमिकों के कल्याण के लिए लगे रहते थे. उनके इस योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. उनके निधन से शहर के मजदूर जगत को भारी क्षति हुई है. श्री दास ने शोक संतप्त स्वर्गीय युगल किशोर यादव के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि मृत्यु पर आदमी का वश नहीं चलता है, हानि-लाभ जीवन-मरण, यश-अपयश ऊपर वाले के हाथ में है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा इनके निधन से मर्माहत परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति दें.






