
जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची बसंत टॉकीज के सामने स्थित बजरंग बलि मंदिर के मामले में एसडीओ कोर्ट में पेशी हुई. इस मामले को लेकर सनातन उत्सव समिति और सरयू राय गुट के लोगों ने हाजिरी लगायी. एसडीओ कोर्ट में बताया गया कि 50 हजार रुपये चंदा के तौर पर दिया गया है, जिसको सनातन उत्सव समिति के लोगों द्वारा दिया गया है. साकची लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर विवाद में बुधवार को एक नया मोड़ आया जब सनातन उत्सव समिति के सदस्य रमेश प्रसाद यादव ने एसडीओ कोर्ट में पीटिशन फ़ाइल कर कोर्ट के समक्ष कहा कि मंदिर की मूर्ति के एवज में उनसे 50000 रुपये मंदिर को दिया गया और इस पूरे विवाद में किसी गुट विशेष से उनका कोई संबंध नही है. इस पीटिशन में उन्होंने आगे कहा कि वे एक कानून के पालन करने वाले नागरिक है और उनके विरुद्ध मामले का निष्पादन किया जाये. लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर मामले में लाखों रुपये चंदे की बात के खुलासे के बाद मामला फिर से गरमा गया है. लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह जोगी ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चंदे का यह मामला गंभीर है. आम लोगो से चंदे के नाम पर लाखों रुपये की वसूली की गई है और इस गबन का खुलासा आवश्यक है. अतः लोक संकट हनुमान मंदिर की ओर से हम अनुमंडल पदाधिकारी से इस मामले की जांच की मांग करते है तथा दोषियों पर कड़ी कारवाई की मांग भी करते है. भारतीय जनतंत्र युवा मोर्चा के अध्यक्ष अमित शर्मा ने कोर्ट के समक्ष कहा कि चिंटू सिंह और उनकी टीम ने उनसे सोने की मुकुट तथा दस हजार रूपये नकद की मांग करने की बात कही साथ ही उन्होंने कहा कि यह सनातन उत्सव समिति नही बल्कि यह चंदा उत्सव समिति है. शनिवार को पुनः साकची लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर मामले एसडीओ कोर्ट में दोनों पक्षों की पेशी हुई. पेशी के दौरान लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर के अधिवक्ता रविशंकर पांडेय ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और बात कही. साथ ही उन्होंने कहा कि मामला चूंकि वित्तीय गबन का है इसलिए इसकी समुचित अनुसंधान के लिये शीघ्र हम उच्च न्यायालय जाएंगे. अनुमंडल पदाधिकारी की अनुपस्थिति में सुनवाई की अगली तिथि दी गई. लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर के प्रवक्ता रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि न्यायालय में अधिवक्ता विपक्षियों को जवाब देने का कार्य कर रहे है परंतु उनसे हमारा आग्रह होगा कि व्यापारिक मंशा त्याग कर इस धर्म कार्य मे लोक संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति का साथ दें और पैसे कमाने की मंशा त्याग दें. (नीचे देखे पूरी खबर)

सरयू गुट मन्दिर निर्माण होने नही देना चाहते इसलिए भ्रामक सूचना दे कोर्ट का वक्त बर्बाद कर रहे है : मन्दिर निर्माण समिति
बुधवार को अनुमण्डलदण्डाधिकारी के समक्ष 107 में हाजिरी लगी, जिसमे मन्दिर कमिटी से 1 अनुपस्थित रहे. सवाल जबाब में सरयू गुट के अधिवक्ता ने मन्दिर निर्माण समिति पर बेगैरत आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की इस पर मन्दिर निर्माण समिति के अधिवक्ता ने भी साक्ष्य के साथ पक्ष रखने की दलील पेश की. इस विषय पर सरयू गुट के अधिवक्ता ने वरीय पुलिस अधिकारियों से जांच कराने की मांग की मन्दिर निर्माण समिति ने इसे सहर्ष स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान कर दिया. उक्त अवसर पर मन्दिर निर्माण समिति के राकेश साहू ने बताया कि सरयू राय और उनके समर्थक यह बताये की कौन सा मन्दिर का निर्माण बगैर चन्दा या सहयोग के बना है और यह भी स्पष्ट करे कि कोई एक व्यक्ति खड़ा करे जो यह कहे कि मन्दिर निर्माण हेतु किसी ने किसी से सहयोग मांगा है या जबरन चन्दा वसूली किया है मन्दिर निर्माण समिति स्वतः निर्माण कार्य छोड़ देगी. राकेश साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक तरफ सरयू गुट के लोगो ने निर्माण समिति के लोगो के पास आकर विवाद खत्म करने की सलाह देते है और दूसरे तरफ आरोप लगा रहे है कि मन्दिर निर्माण समिति चन्दा खोरी करता है और जबरन बसूली करता है. मन्दिर निर्माण में रमेश यादव द्वारा आग्रह किया गया था कि वे मन्दिर में पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा स्वेच्छा से दान करना चाहते है, जिसे मन्दिर निर्माण समिति ने स्वीकार किया और बतौर एसडीओ के समक्ष प्रस्तुत किया और आज भी रमेश यादव और उनके परिवार मन्दिर निर्माण समिति के साथ खड़ा है. लेकिन उसे भी मुद्दा बना कर भ्रामक खबर दी जा रही है. इन लोगों ने बताया है कि सनातन उत्सव समिति, जो मन्दिर निर्माण करा रही है, उसके द्वारा बिरसानगर में भी गुरुद्वारे के लिये लंगर हॉल के निर्माण कार्य आरंभ करने जा रही है. कहा कि रोकियेगा धर्म के कार्य को ईश्वरीय कार्य करने वाले कभी रुकते नही कभी थकते नही, लेकिन आप जैसे लोग एक दिन जरूर रुक जाइयेगा. एसडीओ कोर्ट में मुख्य रूप से राकेश साहू, सुरेंद्र शर्मा, रमेश यादव, चिंटू सिंह, अप्पू तिवारी, हरीश राय, राहुल दुर्गे, ललित राव, वीर सिंह, अजित शर्मा, मुकेश सिंह, सन्तोष मिश्रा, धुर्व मिश्रा, हेमन्त साहू, निर्मल दीक्षित, राजेश पांडेय समेत अन्य मौजूद थे.














