
जमशेदपुर : जमशेदपुर में किन्नरों की गाड़ी से टकराना एक बुजुर्ग को महंगा पड़ गया है. जहां किन्नरों ने सरेआम थाना परिसर में तांडव किया और पैसे ऐंठकर चलते बने. इतना ही नहीं किन्नर जाते-जाते बुजुर्गो को धमकी भी देते गए कि अगर और खर्च हुआ तो फिर से आऊंगा. मामला जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र का है. जहां बधाई लेने निकले किन्नरों के ऑटो से एक बुजुर्ग टकरा गए. फिर क्या था पहले सड़क उसके बाद बर्मामाइंस थाना परिसर में किन्नर तांडव करते नजर आए. वैसे पहले तो ये किन्नर थाना पहुंचे, साथ में बुजुर्ग को भी इन्होंने जबरन थाना लाया. उधर मामूली बात बता कर जब थाना ने आपस में सुलह करने की नसीहत दी तो किन्नर अपना आपा खो बैठे और थाना परिसर में ही अश्लील हरकत और गाली गलौज करने लगे. जिससे वहां मौजूद आम लोग शर्म के मारे निकलने लगे.
सड़क पर भीड़ इकट्ठी हो गई. मगर किन्नरों को इससे क्या वे तो अपनी मर्जी की करेंगे ही. सवाल ये नहीं कि किसकी गाड़ी से किसको कितना नुकसान हुआ. सवाल ये कि क्या किन्नर जमशेदपुर में बेकाबू हो चुके हैं ! वैसे यह कोई पहला मामला नहीं है, जब किन्नरों ने इस तरह की हरकत की है. इससे पूर्व भी शहर के पॉश इलाकों में आम राहगीरों के साथ ये किन्नर ओछी हरकत करते देखे गए हैं. ऐसे में जिला प्रशासन को इन किन्नरों के रवैए पर नकेल कसने की जरूरत है. अन्यथा शरीफ लोगों के लिए सड़क पर चलना दूभर हो जाएगा. आपको बता दें कि इससे पूर्व कांड्रा टॉल नाका, जमशेदपुर यूनाइटेड क्लब के समीप, एसडीओ आवास के समीप इन किन्नरों का तांडव देखा जा चुका है. अभी अगर इन पर नकेल नहीं जाता है तो आने वाले समय में ये किन्नर बड़ी परेशानी पैदा कर सकते हैं.
किन्नरों के उत्पात से निबटने के लिए कोई मशीनरी नहीं
किन्नरों द्वारा अक्सर पुलिस के सामने हो या स्टेशन हो, हर जगह उत्पात की खबरें आती रहती है. उनकी बदमाशी ऐसी है कि उसको नियंत्रित नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा देश के कानून भी पुलिस को काफी कुछ करने से रोक देती है. ऐसे में पुलिस के पास किसी तरह की कोई मशीनरी नहीं है, जिससे इसको रोका जा सकता है. इसको लेकर पुलिसिया तंत्र को ही मजबूत बनाने की जरूरत है.














