जमशेदपुर : जुगसलाई श्री राजस्थान शिवमंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के सातवें दिन कथा वाचक आचार्य विनयकांत त्रिपाठी ने कथा प्रसंग के तहत द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं पार्थिव शिवलिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी. इससे पूर्व आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि महादेव की पूजा हमेशा उनके परिवार के साथ ही होती है. इसका तात्पर्य यह है कि परिवार को हमेशा जोड़ कर रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि सनातन जीवन शैली में जीवन व्यतीत करने से ही जीवन सफल होता है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि मनुष्य को तीर्थयात्राएं शरीर के चलते समय ही कर लेनी चाहिएं, बुढ़ापे में यह संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से में जीवन संस्कार युक्त बनता है. इसी क्रम में उन्होंने भगवान् श्री राम के बनवास के दौरान के जीवन, भरत और लक्षमण के जीवन पर भी प्रकाश डाला एवं शत्रुघ्न एवं बाकी तीनों रानियों के उच्च संस्कार से युक्त जीवन की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि परिवार हो तो भगवान् श्री राम एवं भगवान् शिव के जैसा हो. (नीचे भी पढ़ें)

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि हनुमान जी से बड़ा कोई डॉक्टर नहीं. सब तरफ से इलाज करा के थक गए हैं, तो हनुमान जी की शरण में जायें, उनकी पूजा-अर्चना करें, निश्चित रूप से लाभ होगा. लक्षण जी के प्राण भी संजीवनी बूटी लाकर हनुमान जी ने ही बचाये थे. उन्होंने कहा कि जीवन में अपार सुख शांति प्राप्त करने के लिए सुंदरकांड का एवं मानस की पांच चौपाईयों का पाठ प्रति दिन करिये, मानस जीवन की कला सिखाता है. आज के कथा प्रसंग के अनुसार आचार्य त्रिपाठी ने द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं पार्थिव शिवलिंग के संबध में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने शिव परिवार की आकर्षक झांकियों के माध्यम से भगवान् शिव की महिमा का बखान किया. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने आज की कथा में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधार कर ब्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया. (नीचे भी पढ़ें)

आज की कथा को सफल बनाने में छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामुका, सांवरलाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, कमल किशोर अग्रवाल, पवन काबरा, पवन सिंगोदिया, प्रमोद सरायवाला, गौवर्धन गुप्ता, सुशील सर्वा, संजय गुप्ता, मंटू अग्रवाल आदि सक्रिय भूमिका निभाई. इनके अलावा कथा में उपस्थित अन्य अतिथियों में मुकेश मित्तल, अशोक गोयल,, अरुण बाकरेवाल, ओमप्रकाश रिंगसिया, दीपक पारीक, सांवरमल अग्रवाल, विनय शर्मा, मुरलीधर शर्मा, गणेश दायमा आदि उपस्थित रहे. कल रविवार को कथा ज्ञान यज्ञ के विश्राम के दिन हरियाली तीज के अवसर पर भगवान् का झूलनोत्सव ओर होली का उत्सव होगा एवं कल कथा उत्सव के आठवें दिन पूर्णाहुति के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग के बारे में जानकारी एवं श्री शिव महापुराण कथा विश्राम लेगी.



