जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिवमंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन, सोमवार, 28 सितंबर को प्रवचन कर्ता आचार्य विनयकांत त्रिपाठी ने सुखदेव-परीक्षित जन्म एवं विदुर चरित की कथा का प्रसंग सुनाया. उन्होंने कहा कि आपका हृदय निर्मल है तो ही आपकी भक्ति श्रेष्ठ है. भक्त की भक्ति कैसे श्रेष्ठ हो, इसके बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि ठाकुर जी को भक्ति और भाव विशेष रूप से पसंद हैं. जो भक्त मेरे लिए खूब कष्ट सहते हैं वे भक्त मुझे अत्यंत पसंद हैं, जो ठाकुर जी को पसंद हैं वो ही सच्चे भक्त की पसंद होती है. (नीचे भी पढ़ें)

आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा ही सर्वश्रेष्ठ धार्मिक अनुष्ठान है. ईश्वर तो एक ही है, आप और हमने ही भगवान् को अलग-अलग मान लिया है. सही विधि से भक्ति करने से ही भगवान से साक्षात्कार संभव हो सकता है, ईश्वर रहता कहां है एवं वह क्या करता है, इस प्रसंग में उन्होंने अत्यंत सारगर्भित व्याख्यान दिया. अष्ट चिरंजीवीयों के संबध में बताते हुए आचार्य जी ने बताया कि चिरंजीवी श्री हनुमान जी महाराज हर कथा में उपस्थित रहते हैं, भगवान् किसान को सिंहासन पर और राजा को जमीन पर भी बैठा सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रति दिन प्रातःकाल प्रणव मंत्र ॐ का जाप करना सुखी जीवन का मूल मंत्र है. कथा को सिर्फ श्रवण मत करो, उसका रसपान करो, कथा सुनने के लिए खाली घडा बनकर जाएं. उन्होंने बताया कि जो अमरनाथ धाम में एक दफा अमर कथा सुन लेता है, वह अमर हो जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
आज की कथा में सुखदेव परीक्षित जन्म एवं विदुर चरित पर भी उन्होंने विस्तार से कथा सुनाई. आज की कथा में परीक्षित एवं विदुर की आकर्षक झांकी की भी प्रस्तुति हुई. इससे पूर्व आज की कथा की शुरुआत मंदिर के अध्यक्ष छीतरमल धूत एवं आज के यजमान नथमल पवन शर्मा द्वारा सपत्नीक ब्यासपीठ की आरती-पूजा के साथ हुई. आज कथा के सफल आयोजन में पवन काबरा, सांवर लाल शर्मा, कमल किशोर अग्रवाल, विश्वनाथ शर्मा, सुशील सर्वा, संजय गुप्ता, नीरज अग्रवाल आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे. राजकुमार दोदराजका, सोनू शर्मा, किरण भाउका, शिवकुमार शर्मा, मुरलीधर केडिया, मुरलीधर शर्मा, विष्णु कसेरा, राजेश गढ़वाल, पंडित पवन शर्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल रहे. आज की कथा में जमशेदपुर विप्र फाउंडेशन की महिला समिति की ओर से ब्यासपीठ का सम्मान भी किया गया.




