
जमशेदपुर : पाकिस्तान करतारपुर स्थित श्री गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक गुरुद्वारे का दर्शन दीदार बुधवार से संगत कर सकेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साढ़े चार किलोमीटर गलियारा खोलने का फैसला लिया है क्योंकि पंजाब एवं देश के विभिन्न भागों में रहने वाले सिख श्रद्धालु 19 नवंबर को गुरुनानक देव जी की जयंती में यहां दर्शन दीदार करना चाहते थे. कॉरिडोर खोलने का आग्रह तखत श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के प्रधान सरदार अवतार सिंह हित एवं महासचिव सरदार इंदरजीत सिंह ने भी प्रधानमंत्री से ट्विटर के माध्यम से किया था. बुधवार से कॉरिडोर खोले जाने की घोषणा प्रधानमंत्री की ओर से गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर सिख संगत को दी है. इंदरजीत सिंह ने बताया कि भारतीय सीमा से 4 किलोमीटर दूर करतारपुर साहिब में गुरु नानक देव जी ने 18 वर्ष गुजारे थे. पाकिस्तान स्थित गुरु नानक देव जी की जन्म भूमि ननकाना साहिब एवं कर्मभूमि जहां वे खेती किया करते थे और एक ईश्वर प्रभु सिमरन का संदेश देते थे. पाकिस्तान स्थित इन दोनों धार्मिक स्थलों में दुनिया भर से गुरु नानक देव जी के चाहने वाले हिंदू मुस्लिम सिख श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. सरदार इंद्रजीत सिंह के अनुसार कोरोना कोविड-19 के कारण मार्च 2020 में ही है गलियारा पाकिस्तान सरकार ने बंद कर दिया था परंतु सिखों के आग्रह पर प्रधानमंत्री इमरान खान ने खोलने का फैसला लिया और भारत सरकार को इसकी जानकारी दी. इंद्रजीत सिंह के अनुसार भारतीय प्रधानमंत्री ने सिखों की भावनाओं का सम्मान किया है और इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं. झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह ने भी प्रधानमंत्री की सराहना की है कि उन्होंने ऐसा कर हजारों श्रद्धालुओं की मनोकामना को पूरा किया है कि अब वह दर्शन कर सकेंगे. झारखण्ड विकास मंच के अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह पप्पू के अनुसार पिछले डेढ़ साल से गुरु नानक देव नामलेवा सिख एवम हिन्दू संगत इस दिन की चाहत में रोज अरदास कर रही थी और वाहेगुरु ने उनकी अरदास सुन ली है. इससे दोनों देशों के बीच मित्रता के नए रिश्ते की शुरुआत भी होगी और कड़वाहट खत्म होगी.





