जमशेदपुर : झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष प्रणोष सोलोमन एवं सदस्य एकरारूल हसन ने गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचने के बाद परिसदन में विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान धर्म के नाम पर बढ़ती प्रताड़ना और भेदभाव के मुद्दे प्रमुख रूप से उठे. समुदाय के लोगों ने कहा कि जमशेदपुर में हाल के दिनों में धार्मिक प्रताड़ना की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं और इस पर प्रशासनिक लापरवाही ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. (नीचे भी पढ़ें)

ऑल इंडिया क्रिश्चन माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष अजित तिर्की ने कहा कि यह स्थिति न केवल मानवाधिकारों का हनन है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 में प्रदत्त मूल अधिकारों के भी खिलाफ है. उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा और भेदभाव लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करता है. इस मौके पर जमशेदपुर के डीएसपी (हेडक्वार्टर) भी उपस्थित रहे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस किसी भी हाल में किसी के साथ अन्याय या गलत नहीं होने देगी. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक के दौरान बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदायों के लोग उपस्थित रहे जिन्होंने अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रखीं. आयोग के अधिकारियों ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. बैठक के बाद उपाध्यक्ष प्रणोष सोलोमन, पूर्व शिक्षा मंत्री स्व रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि देने उनके पैतृक आवास घोड़ाबांधा पहुंचे. उन्होंने स्व. सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मिलकर संवेदना व्यक्त की.



