
जमशेदपुर: सिखों के पंथिक इतिहास में लौहनगरी जमशेदपुर के तीन सिख युवकों का नाम शुमार हो गया है. यह तीन युवक भारत में सिखों के पांच महत्वपूर्ण तख्तों का दर्शन करने के साथ ही गुरु नानक देव जी के जीवन सिद्धांत का प्रचार प्रसार कर रहे हैं. सोनारी के लोहा व होटल व्यवसायी परमदीप सिंह पिंकी, साकची के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी शमशेर सिंह सोनी एवं बाराद्वारी निवासी सरदार जगदीप सिंह ने सड़क मार्ग से भारत भ्रमण को लौहनगरी से एक अक्टूबर को प्रस्थान किया तथा गुरुवार को इन तीनों ने करीब 4000 किलोमीटर की दूरी तय कर ली. यह दूरी वे लोग रॉयल इनफील्ड मोटरसाइकिल से पूरी कर रहे हैं, जिसमें गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व का उल्लेख है. यह तीनों महाराष्ट्र के नांदेड़ तखत श्री हजूर साहिब, भटिंडा के तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, तखत श्री अकाल तख्त अमृतसर स्वर्ण मंदिर एवं तख्त श्री केशगढ़ साहिब आनंदपुर के दर्शन करने के साथ ही विविधता में एकता का संदेश देते हुए अंबाला पहुंच चुके हैं. अब इनका अगला पड़ाव बिहार के पटना में श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जन्म स्थली तखत श्री हरमंदिर साहिब पटना में होगा. तीनों देश की राजधानी दिल्ली में भी रुक कर अपना अभियान चलाएंगे. यह तीनों मार्ग में पड़ने वाली गुरुद्वारा कमेटियो तथा तख्त के प्रबंधकों एवं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मिले सम्मान से काफी उत्साहित हैं. मंगलवार को सिखों की धार्मिक संसद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सचिव एवं इतिहासकार डॉक्टर रूप सिंह एवं सचिव मनजीत सिंह बाठ मैनेजर जसवंत सिंह प्रवक्ता कुलविंदर सिंह रमदास आदि ने सिरोपा एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया. रूप सिंह ने इन तीनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को आर्थिक तौर पर सशक्त करने वाले जमशेदपुर के यह युवक पंथ की मजबूती में भी सराहनीय भूमिका अदा करेंगे. इन तीनों ने पूछे जाने पर कहा कि उनका मकसद गुरु नानक देव जी के नीतियों सिद्धांतों को देश की जनता तक पुनः पहुंचाना है. गुरु नानक देव जी ने जाति-पाति, धर्म-भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर समस्त मानव को एक ईश्वर की संतान बताया था. गुरु नानक देव जी ने किरत करने, नाम जपने एवं बांट कर खाने का संदेश मानव जाति को दिया था. अब जबकि सिख धर्म उनकी 550 वां प्रकाश पर्व मना रहा है तो उनकी प्रासंगिकता आज के समय में और भी बढ़ गई है. इन तीनों के अनुसार युवाओं को देश समाज एवं राष्ट्र सेवा को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखना चाहिए और नशे और व्यसन से दूर रहना चाहिए. लौहनगरी की कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से इनकी वापसी पर स्वागत करने की तैयारी भी चल रही है. पटना तख्त में इनका स्वागत कमेटी के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह एवं अन्य करेंगे.



