जमशेदपुर : सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन की ओर से बुधवार शाम आयोजित समारोह में नगर की भोजपुरी की अग्रणी साहित्यिक संस्था ‘ जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद्’ के 59वें पुष्प के रूप में प्रकाशित शहर की प्रसिद्ध कवयित्री डॉ वीणा पाण्डेय भारती के भोजपुरी काव्य संग्रह “संउसे चान आकासे” का लोकार्पण हुआ. इस अवसर पर झारखंड के सेवानिवृत्त मुख्य कारखाना निरीक्षक अरुण मिश्रा मुख्य अतिथि और तुलसी भवन के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मूनका एवं तुलसी भवन साहित्य समिति की मार्गदर्शिका डॉ रागिनी भूषण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)

जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष डॉ प्रसेनजित तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह का संचालन सूरज सिंह राजपूत ने किया. दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की तस्वीर पर पुष्पार्पण के साथ आरंभ समारोह में अतिथियों ने काव्य संग्रह का विधिवत लोकार्पण किया. लोकार्पण के पश्चात हरिहर राय चौहान ने पुस्तक की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शब्दों और भावों की चित्रकारी से यह संग्रह भरा पड़ा है. भाषा सरल, सटीक, प्रवाहमय और गेय है. शृंगार, भक्ति, देशभक्ति, कृषि, संस्कार, परंपरा, स्वागत, विरह-मिलन वगैरह गीतों से यह संग्रह जीवंत होने के कारण वीणा के कवयित्री मन के बहुआयामी व्यक्तित्व के दर्शन कराता है. मेरी समझ से ‘संउसे चान आकासे’ अपनी काव्यात्मकता और लयात्मकता के चलते पाठकों की पसंद के पैमाने पर खरा उतरेगा. रीना सिन्हा सलोनी ने कवयित्री डॉ भारती का साहित्यिक जीवन परिचय प्रस्तुत किया. मौके पर मुख्य अतिथि अरुण मिश्रा ने अपने संबोधन में डॉ भारती एवं उनकी रचनाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जबकि गैर भोजपुरी भाषी विशिष्ट अतिथिद्वय ने भी भोजपुरी में अपनी बातें रखीं. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर मुख्य रूप से सतीन्द्र नाथ पाण्डेय, हिमान्शु पाण्डेय, डॉ उदय प्रताप हयात, नीलाम्बर चौधरी, वसंत जमशेदपुरी, सुरेश चन्द्र झा, प्रतिभा प्रसाद कुमकुम, हरभजन सिंह रहबर, बलविन्दर सिंह, वरुण प्रभात, डॉ आशा गुप्ता, मंजू ठाकुर, शिव नन्दन सिंह, राजदेव सिन्हा, चन्द्रकान्त, दिलीप ओझा, अनिरुद्ध त्रिपाठी अशेष, उपासना सिन्हा, सुदीप्ता जेठी राउत, पूनम शर्मा स्नेहिल, पूनम महानंद, अशोक पाठक स्नेही, ज्योत्स्ना अस्थाना, शीतल प्रसाद दुबे सहित शताधिक साहित्यकार एवं भोजपुरी प्रेमी उपस्थित रहे.







