जादूगोड़ा : बीती रात से लगातार बारिश के बाद गुरा नदी का जलस्तर बढ़ने व गालूडीह बराज का फाटक बंद कर देने से भारत सरकार की संस्थान यूसिल की जादूगोड़ा यूरेनियम प्रोजेक्ट की आवासीय क्वार्टरों में तीसरी बार बी व सी टाइप के कुल 25 क्वार्टरों के घरों दो फीट पानी घुस गया. जलस्तर लगातार बढ़ने से यूसिल कर्मियों में अफरा तफरी मच गई है. कंपनी कर्मी ऊपर तले पहुंच कर अपनी जानमाल की रक्षा की. (नीचे भी पढ़े)

पानी में फंसे लोगों की मदद हेतु यूसिल द्वारा हाथ खड़ा कर देने से यूसिल के पूर्व मजदूर नेता राजकुमार भक्त ने नाराजगी जताई तथा कहा कि पहले कॉलोनी में बारिश के पानी से पूर्व बड़े बड़े ट्रक प्रभावित क्षेत्रों में खड़े रहते है व कंपनी की ओर से रेस्क्यू टीम बाढ़ में फंसे लोगों की मदद हेतु तैनात की जाती थी. इस बार स्थिति उलट है. पीड़ित परिवार खुद अपने सामान को इधर से उधर शिफ्ट कर रहे है .कई परिवारों का सामान घर पर ही डूब गया और लाखों का सामान नष्ट हो गया.(नीचे भी पढ़े)
यूसिल आवासीय कॉलोनी की बी टाइप क्वॉटर में 30 साल पहले भी दो बार इस तरह की स्थिति बनी थी.जिसके बाद तत्कालीन यूसिल के अध्यक्ष सह प्रबंध निर्देशक जेएल भसीन ने गुरा नदी से सटे व निचले इलाके में बड़े कंपनी क्वॉटर आवंटन पर रोक लगा दी थी. बाद में राजस्व वसूली को लेकर कंपनी प्रबंधन को और से इस डुब क्षेत्र में दोबारा कंपनी कर्मियों को मकान आवंटित कर दी गई. जिससे लोगों इस तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है.




