
जमशेदपुर : बुधवार को विश्व भोजपुरी विकास परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रहे डी डी त्रिपाठी एवं अप्पू तिवारी आजसू प्रवक्ता से उनके आवास पर मिलकर सांसद विद्युत वरण महतो द्वारा राष्ट्रपति को भोजपुरी, अंगिका, मैथिली और मगही भाषा के खिलाफ सौंपे गए ज्ञापन पर क्षोभ प्रकट किया. ज्ञात हो कि जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो के नेतृत्व में सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मिलकर राज्य में भाषा के नाम पर घृणा की राजनीति को हथियार बनाने का पहल किया है और इसे स्थानीय भाषा में शामिल करने से रोक की मांग की है जो अकल्पनीय हैं. प्रतिनिधि मंडल से त्रिपाठी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि सौम्या, सहजता, सहृदयता के प्रतीक विद्युत महतो के दिल में भाषाई घृणा पैदा हो जाना ये अकल्पनीय और अविश्वसनीय हैं. जो झारखंड की राजनीति के लिए आने वाले दिनों के लिये भयावह स्थिति का संकेत हैं. त्रिपाठी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि ऐसी क्या परिस्थिति बन गई कि सबका साथ सबका विकास एवं सबका विश्वास की बातें करते करते ये झरखंड सरकार के कुंठा से प्रेरित होकर उसके ही राग में राग अलापने लगे. (नीचे भी पढ़ें)
विश्व भोजपुरी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंड में निवास तिवारी (राष्ट्रीय अध्यक्ष), मिथिलेश प्रसाद श्रीवास्तव (राष्ट्रीय महासचिव) एवं मुन्ना चौबे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ) ने अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि झारखंड के अस्तीत्व से खिलवाड़ करने का कार्य सांसद विद्युत महतो ने किया हैं झारखंड का निर्माण घृणा नहीं अपितु समग्र विकास के सोच के साथ किया गया था. लेकिन बार बार इसे कभी डोमिसाइल तो कभी भाषा के नाम पर जलाने का प्रयास क्षणिक राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता रहा हैं और ये पहल भी उसी कड़ी में देखा जा सकता हैं. प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि सांसद का ये पहल चिंता देने वाला हैं. त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि हम खुद भी सांसद के इस पहल से अचंभित हैं और उनके जमशेदपुर आगमन पर हम मिलकर इस विषय में चर्चा करेंगे और उनके पक्ष को भी जानना जरूरी है. वहीं दूसरी ओर विश्व भोजपुरी विकास परिषद इस संबंध में कल दिनांक 10 फरवरी को संध्या 4 बजे एक आपात बैठक भविष्य की राजनीतिक निर्णय लेने के लिए बैठक बुलाई गयी है. जिसमें राजनीतिक लाभ के लिए किए गए इस गंदे खेल के खिलाफ संगठन सामूहिक निर्णय के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगा. त्रिपाठी ने प्रतिनिधि मंडल को आस्वस्थ किया कि मिट्टी एवं भविष्य की लड़ाई के लिए वो सतत साथ है और किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.







