जमशेदपुर: जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान, जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, नगर आयुक्त जेएनएसी, एडीसी, निदेशक एनईपी समेत जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.(नीचे भी पढ़े)

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा एवं स्मृति शेष दिशोम गुरू शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि के साथ हुआ. इस अवसर पर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, इतिहास और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को प्रदर्शित किया गया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास और समाज के विकास में राज्य के क्रांतकारियों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों से युवाओं को जोड़ना तथा अपनी भाषा, कला और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है.(नीचे भी पढ़े)

वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए शिक्षा एवं अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी और नशामुक्ति जैसे सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है.उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और सामूहिकता की भावना की सीख देती है. यह आयोजन सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, जनभागीदारी को बढ़ावा देने का भी माध्यम है. उन्होंने लाभुकों से योजनाओं का सदुपयोग कर अपने जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की.(नीचे भी पढ़े)

कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं संघर्ष पर आधारित नाटक का मंचन किया गया. वहीं पाईका नृत्य एवं छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. झारखंड की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत तथा राज्य के महान क्रांतिकारियों के जीवन दर्शन को समर्पित फोटो गैलरी भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही.इस अवसर पर खेल, साहित्य, फिल्म निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले प्रतिभावान महानुभावों को सम्मानित किया गया. साथ ही मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया.(नीचे भी पढ़े)

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच 20 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति एवं योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया. इनमें छात्रवृत्ति, साइकिल, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत वनपट्टा, सर्वजन पेंशन स्वीकृति पत्र, श्रवण यंत्र, समावेशी आजीविका योजना के तहत अनुदान राशि, सामुदायिक निवेश निधि, सोलर पंप समेत अन्य योजनाओं का लाभ शामिल रहा.कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, वीरता, संघर्ष, स्वाभिमान और प्रकृति संरक्षण की परंपरा को सम्मान देते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया गया. साथ ही आगंतुकों के बीच पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया. कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, बुधु भगत, नीलांबर-पीतांबर समेत झारखंड की धरती के सभी वीर सपूतों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों और संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया.




