रांची : झारखंड शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस विनय चौबे के खिलाफ चार सीट दायर नहीं किया. इस कारण झारखंड हाई कोर्ट ने उनको तय नियम के आधार पर जमानत दे दी. आरोपी आइएएस अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत मिली है. गिरफ्तारी के 92 दिनों बाद रांची की विशेष एसीबी कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी. कोर्ट ने माना कि एसीबी उनकी गिरफ्तारी के 92 दिनों के भीतर आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं कर सकी, जिसके आधार पर बीएनएसएस की धारा 187(2) के तहत उन्हें जमानत दी गई. (नीचे भी पढ़ें)
कोर्ट ने विनय चौबे पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं. उन्हें राज्य से बाहर जाने से पहले अदालत को सूचित करना होगा और ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होने तक मोबाइल नंबर नहीं बदल सकेंगे. इसके अलावा, उन्हें 25 – 25 हजार रुपये के दो निजी मुचलके भरने होंगे. बता दें कि एसीबी ने अब तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं की है. वहीं, विनय चौबे की ओर से अधिवक्ता देवेश आजमानी ने अदालत में पक्ष रखा. अब इस मामले में राज्य सरकार की मनसा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं.











