रांची : झारखंड में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबू सोरेन की बड़ी बहू और दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी विधायक सीता सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा से इस्तीफा दे दिया है. पार्टी के सारे पदों से उन्होंने इस्तीफा दिया है. वह अभी जामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक है. सीता सोरेन के इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने जा रही है. सीता सोरेन को दुमका से संसदीय चुनाव में भाजपा उतार सकती है. आपको बता दे की सीता सोरेन पिछले कई महीनो से काफी नाराज चल रही थी. अपने देवर के मुख्यमंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन के खिलाफ बयानबाजी आम बात थी. वही कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाए जाने कभी सीता सोरेन ने विरोध किया था जिसके बाद चम्पाई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया. अब अंततः सीता सोरेन ने अपना इस्तीफा दे दिया है. अपने ससुर और झामुम सुप्रीमो शिबू सोरेन को लिखे गए पत्र में सीता सोरेन ने कहा है “मैं सीता सोरेन, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की केन्द्रीय महासचिव एवं सक्रिय सदस्य वर्तमान विधायक हूँ, आपके समक्ष अत्यन्त दुःखी हृदय के साथ अपना इस्तीफा प्रस्तुत कर रहीं हूँ. मेरे स्वर्गीय पति, श्री दुर्गा सोरेन, जो कि झारखण्ड आंदोलन के अग्रणी योद्धा और महान क्रांतिकारी थे, के निधन के बाद से ही मैं और मेरा परिवार लगातार उपेक्षा का शिकार रहें है. (नीचे भी पढे़ं)
पार्टी और परिवार के सदस्यों द्वारा हमे अलग-थलग किया गया है, जो कि मेरे लिए अत्यन्त पीड़ादायक रहा है. मैंने उम्मीद की थी कि समय के साथ स्थितियां सुधरेगी, परन्तु दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा जिसे मेरे स्वर्गीय पति ने अपने त्याग समपर्ण और नेतृत्व क्षमता के बल पर एक महान पार्टी बनाया था आज वह पार्टी नहीं रहीं मुझे यह देख कर गहरा दुःख होता है कि पार्टी अब उन लोगों के हाथों में चली गयी है जिनके दृष्टिकोण और उद्देश्य हमारे मुल्यों और आदर्शों से मेल नहीं खाते. शिबू सोरेन (गुरुजी बाबा के) अथक प्रयासों के बावजूद जिन्होने हम सभी को एक जुट रखने के लिए कठिन परिश्रम किया, अफसोस कि उसके प्रयास भी विफल रहें मुझे हाल ही में यह ज्ञात हुआ है कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ भी एक गहरी साजीस रची जा रहीं है. मै अत्यन्त दुःखी हूँ. मैंने यह दृढ़ निश्चय किया हूँ कि मुझे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और इस परिवार को छोड़ना होगा. अतः मैं अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहीं हूँ और आप से निवेदन करती हूँ कि मेरे इस्तीफे को स्वीकार किया जाये. मैं आपका और पार्टी का हमेशा अभारी रहूगीं और मेरी शुभकामनाएँ सदैव आपके साथ रहेगी.




