
रांची : झारखंड भाजपा ने अब तक का सबसे बड़ा हमला झारखंड सरकार पर किया है. झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने रांची स्थित प्रदेश भाजपा के दफ्तर में संवाददाता सम्मेलन किया. दीपक प्रकाश के साथ उनके दो अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. संवाददाता सम्मेलन में दीपक प्रकाश ने कहा कि 3000 सैंपल की टेस्टिंग के लिए कोवास मशीन लाने की सिफारिश एक साल पहले रिम्स प्रबंधन ने दिया था, लेकिन आज तक हेमंत सोरेन की सरकार ने इसको मंजूरी नहीं दी. उन्होंने हेमंत सोरेन को बताया कि वे खुद रांची के सदर अस्पताल और रांची के रिम्स अस्पताल का दौरा करने गये थे, वहां की स्थिति काफी अफसोसजनक थी. लोगों को लाश ले जाने के लिए गाड़ियां नहीं मिली थी, एंबुलेंस की सुविधा नहीं, लोग तिल-तिलकर मर रहे है. भारत में कोरोना पोजिटिव केस की रफ्तार 1.01 फीसदी है, जो झारखंड में कोरोना की रफ्तार 2.10 फीसदी है. रिकवरी रेट 86 फीसदी देश में है जबकि झारखंड में 80 फीसदी रिकवरी रेट की स्थिति है. मेडिकल में इंसीडेंट कमांडर तैनात कर दिया गया है, लेकिन उनको कुछ नहीं दिया गया है. वे लोग बेबस है. फेल्योर अफसरों को कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लगा दिया गया है. चोरी के आरोपी ऑफिसरों को काम पर लगा दिया गया है. अब हालात यह है कि भोज के आगे कोहड़ा रोपने का काम सरकार कर रही है. ऑक्सीजन खरीदने के लिए टेंडर अभी किया जा रहा है जबकि आपात स्थिति है. उन्होंने बताया कि भाजपा को इस बार के चुनाव में 50 लाख वोट मिले थे जबकि हेमंत सोरेन की सरकार में शामिल सारे गठबंधन के लोगों को 52 लाख वोट मिले है. अगर भाजपा के 50 लाख से साथ बाबूलाल मरांडी के झाविमो और आजसू के वोट को जोड़ दें तो कहां आंकड़ा पहुंचेगा. इस कारण जनता अब चुप नहीं बैठेगी और किसी भी हद तक जायेगी. उन्होंने कहा कि वे राजनीति करना नहीं चाहते है, लेकिन इस तरह के हालात में चुप बैठेंगे तो जनता भी जवाब मांगेगी और जनता को भगवान भरोसे सरकार छोड़ सकती है, भाजपा नहीं.














