अनिल कुमार / बोकारो : बोकारो के सेक्टर वन स्थित इस्कॉन मंदिर और हंस मंडप में अचानक मंगलवार सुबह लगभग 8:30 बजे आग लग गयी. आग लगते ही इस्कॉन मंदिर और हंस मंडप पूरी तरह से धू-धू कर जल गया. प्रभु की सेवा में लगे सेवकों का कहना है कि अचानक से धुआं उठा जब तक कुछ समझ पाते तब तक आग की लपटें तेज हो गयी. किसी तरह राधा कृष्ण की मूर्ति को बाहर ले जाने का काम किया गया. लेकिन मंदिर में रखे निमाई निताई और प्रभु पाल मूर्तियां पूरी तरह से जलकर खाक हो गयी. मंदिर के संचालक जगन्नाथ दास ने इसे साजिश करार दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
हालांकि मंदिर के ही एक सेवक ने बताया कि आग मोटर रूम से लगनी शुरू हुई, जिसके बाद यह आग फैली है. मौके पर पहुंची पांच दमकल की गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है. जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक पूरी तरह से हंस मंडप पर मंदिर जलकर खाक हो चुका था. इस आगलगी की घटना में करोड़ों के नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.
इस घटना के बाद भक्तों में काफी निराशा देखी गयी. भगवान के मंदिर में आग लगने से बदहवास नजर आए. (नीचे भी पढ़ें)
हंस मंडप के बाहर एक कमरे में यह इस्कॉन मंदिर संचालित हो रहा था जहां रविवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. वहीं मंगलवार सुबह भी भगवान की मंदिर में साफ-सफाई के बाद भगवान को वस्त्र पहनाने का काम किया जा रहा था इसी दौरान यह घटना घटी है. मंदिर संचालक जगन्नाथ दास ने कहा कि पूर्व में भी बोकारो के डीसी को मंदिर की सुरक्षा और विवाद को लेकर पत्र लिखा गया था जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री को भी भेजी गयी थी लेकिन इस पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया गया. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आग बिना साजिश के नहीं हो सकती है. क्योंकि शॉर्ट सर्किट से इतना बड़ा हादसा नहीं हो सकता है.



