जमशेदपुर : कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. जमशेदपुर में प्रदेश उपाध्यक्ष और जमशेदपुर लोकसभा के प्रभारी सतीश पाल और को-इंचार्ज शांतनु मिश्रा ने संयुक्त रुप से प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर करारा हमलो बोला. प्रेसवार्ता की अध्यक्षता जिला कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने किया. इस अवसर पर प्रदेश सचिव ब्रजेन्द्र तिवारी, जिला उपाध्यक्ष राजकिशोर यादव, प्रिंस सिंह, संजय सिंह आजाद, अंसार खान, अतुल गुप्ता, गुरदीप सिंह सोहल, कौशल प्रधान उपस्थित रहे. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जमशेदपुर लोकसभा प्रभारी सतीश पाल मुंजनी प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि पेपर लीक एक दशक पुरानी अनसुनी समस्या है. वर्ष 2014 से 2024 के बीच लगभग 89 पेपर लीक और 48 पुनर्परीक्षाएं दर्ज की गई, एक अन्य अध्ययन के अनुसार 5 वर्ष में 15 राज्यों में 41 पेपर लीक हुए, जिसमें लगभग 1.4 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए, जबकि रिक्त पद केवल एक लाख से कुछ अधिक थे. (नीचे भी पढ़ें)
सार्वजनिक परीक्षा, अनुचित संसाधनों की रोकथाम अधिनियम 2024 में 3 से 10 वर्ष तक की सजा और 10 लाख से एक करोड रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. फिर भी राजस्थान सहित कई राज्यों में पेपर लीक जारी रहे, स्पष्ट है कि कानून अकेले समस्या का समाधान नहीं कर पाया. हर परीक्षा रद्द होने का खामियांजा लाखों उम्मीदवारों को भुगतना पड़ा है. नीट यूजी 2026 लगभग 24 लाख अभ्यर्थि प्रभावित हुए, सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2024 प्रश्न पत्र वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी. लगभग 48 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, स्टेट 2021 पेपर लीक में 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए यूजीसी नेट जून 2024 परीक्षा के अगले ही दिन रद्द कर दी गई. लगभग 11 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए और बाद में पुनः परीक्षा आयोजित हुई इन चार घटनाओं को मिलाकर एक करोड़ से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए. इन लोगों ने बताया कि भर्ती में देरी सरकार के अपने आंकड़े 1 मार्च 2023 तक केंद्र सरकार में 9,64,359 पद रिक्त थे. 1 जुलाई 2024 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की ऐप में 84,106 रिक्तियां थी. (नीचे भी पढ़ें)
रेलवे में भर्ती की संख्या 2004 से 2014 के 4.11 लाख से बढ़कर 2014 में केवल 5.02 लाख हुई जबकि आवेदकों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई. बेरोजगारों की सुर्खियां कुछ और वास्तविक कुछ और 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 10.2% सामान्य स्थिति और फिर 13.8% साप्ताहिक वर्तमान स्थिति रही. माध्यमिक शिक्षा या उससे अधिक योग्यता रखने वालों में का बेरोजगारी दर 6.5% है. स्वतंत्र शोध बताते हैं कि बेरोजगारों में अधिकांश युवा और शिक्षित लोग हैं तथा स्नातक और स्नातक को उत्तर युवाओं में बेरोजगारी दर औसत से कई गुना अधिक है. मानवीय कीमत छात्रों की मानसिक पीड़ा और आत्महत्याएं वर्ष 2022 में लगभग 13000 छात्र रात में अध्याय दर्ज की गई जो देश की कुल आत्महत्याओं का लगभग 7.6% थी 2023 की रिपोर्ट सितंबर 2025 में जारी में छात्रों की आत्महत्या का अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा दर्ज किया गया. कोटा त्रिशूर और चेन्नई जैसे कोचिंग केदो में छात्र आत्महत्याओं के समूह क्लस्टर दर्ज किए गए हैं. (नीचे भी पढ़ें)
शिक्षा में सार्वजनिक निवेश अपने लक्ष्य तक कभी नहीं पहुंचा राष्ट्रीय शिक्षा नीति नप 2020 द्वारा निर्धारित जीडीपी के 6% शिक्षा पर खर्च का लक्ष्य आज तक पूरा नहीं हुआ. शिक्षा पर सार्जनिक व्यय जीडीपी का 2.7% है। जो 2017-2018 में 2.8 परसेंट था कुछ सरकारी खर्चे में शिक्षा की हिस्सेदारी 10.7% से घटकांत 9.2% रह गई. वर्ष 2024-2025 में केन्द्र सरकार का शिक्षा बजट लगभग 1.2 लाख करोड रुपए था जो केवल जीडीपी का 0.38% है, शेष खर्च का अधिकांश भर राज्यों पर पड़ता है. मुख्य संदेश पेपर लीक भर्ती में देरी बढ़ती बेरोजगारी छात्रों की मानसिक परेशानियों और शिक्षक का पर पर्याप्त सरकारी निवेश यह सभी मिलकर देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं कांग्रेस का मानना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जवाब दे ही पारदर्शी और शिक्षा व रोजगार में बड़े निवेश की आवश्यकता है. मुख्य अतिथि सतीश पाल मुंजनी प्रदेश उपाध्यक्ष, को-इंचार्ज शान्तनु मिश्रा का प्रोटोकोल स्वागत अंगवस्त्र प्रदान कर जिला कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने किया.





