
रांची : झारखंड के कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय ने बड़ी राहत दी है. सोमवार को रांची में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल पदाधिकारी प्रतिनिधि सम्मेलन में काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और सारे लोगों को वर्ष 2024 के होने वाले चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया. इस दौरान ही कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय ने साफ किया कि हेमंत सोरेन सरकार के कैबिनेट में शामिल कांग्रेस के मंत्रियों का कामकाज काफी अच्छा है. फिलहाल, उसको किसी तरह का कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है. कांग्रेस कोटे के मंत्री नहीं बदले जायेंगे. इसके बाद उन कयासों पर विराम लग गया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की छुट्टी की जासकती है. दूसरे विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. (नीचे देखे पूरी खबर)

यह कहा जा रहा था, लेकिन इसको लेकर कांग्रेस प्रभारी ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई बात नहीं है. आपको बता दें कि लंबे समय से यह कयास लगाया जा रहा था कि शीर्ष आलाकमान हेमंत सोरेन के कैबिनेट से काफी नाराज है और लगातार उनकी शिकायतें मिलने के बाद मंत्रियों को बदला जा सकता है. शिकायतें मिली थी कि मंत्रियों का आम जनता, कार्यकर्ता और पदाधिकारियों से संवाद खत्म हो गया है. यही नहीं, पार्टी के कई विधायकों ने ये भी शिकायत की थी कि राज्य में हमारे कोटे के मंत्रियों के अधीन हुए कामकाज का सारा श्रेय मुख्यमंत्री ले जाते हैं. मंत्री, अपने कार्यों का प्रचार-प्रसार भी नहीं कर पाते. खास तौर पर राज्य के विधायक डॉ इरफान अंसारी लगातार हमलावर थे. जामताड़ा के कांग्रेस विधायक डॉ इरफान अंसारी ने कहा था कि आरपीएन सिंह ने उनसे कहा था कि कांग्रेस कोटे से ढाई-ढाई साल के लिए मंत्री बनाये जाएंगे. सियासी हलकों में कहा जाता है कि इरफान अंसारी की निगाह स्वास्थ्य मंत्रालय पर है जहां फिलहाल बन्ना गुप्ता काबिज हैं. हालांकि, अविनाश पांडेय ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया है. इसके अलावा बादल पत्रलेख पर भी सवाल उठाया गया था. वैसे इस सम्मेलन के दौरान अविनाश पांडेय ने कांग्रेस के विधायकों, नेताओं और मंत्रियों में काफी जोश भरा और इसको और तेज करने पर विचार किया.




