
रांची : झारखंड में पहला कोरोना वायरस का मरीज रांची के हिंदपीढ़ी से मिला है. हिंदपीढ़ी इलाके के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने और वहां के लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए प्रशासन की ओर से जबरदस्त दबाव बनाया गया है. इस कड़ी में हिंदपीढ़ी इलाके में गुरुवार की सुबह पुलिस और प्रशासन का दल स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंची. यहां हिंदपीढ़ी के मौलवियों की इंट्री ही रोक दी गयी और लोगों ने ही विरोध शुरू कर दिया. करीब सौ स्वास्थ्य कर्मियों को यहां काम पर लगाया गया था, लेकिन पूरी टीम को काफी विरोध झेलना पड़ा. लोगों ने हिंदपीढ़ी इलाके के लोगों को बदनाम करने का आरोप लगाया और किसी भी हाल में जांच कराने से साफ तौर पर इनकार कर दिया. कोई भी व्यक्ति जांच कराने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनसे फार्म भरवाकर वापस लौट गये. इसके बाद प्रशासन की ओर से एक बार फिर से दबिश बनाया गया. इस दौरान प्रशासन के लोगों के खिलाफ नारेबाजी भी शुरू कर दी गयी. स्थिति ऐसी हो गयी कि पुलिसबलों को भी वहां बुला लिया गया. आसपास के इलाके में पुलिस बलों को तैनात कर माइक से सभी को धैर्य रखकर जांच कराने का आदेश दिया. लेकिन लोग नहीं माने. इसके बाद हिंदपीढ़ी के लोगों के प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की बैठक हुई, जिसके बाद सारे लोग तैयार हुए कि उनकी जांच होगी. इन लोगों का आरोप है कि एक कौम विशेष को बदनाम करने की साजिश चल रही है और कोरोना वायरस के नाम पर अत्याचार किया जा रहा है. दूसरी ओर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि कोरोना वायरस का जांच कराने से कोई भी इनकार करता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. सुसंगत धाराओं के तहत एफआइआर भी दायर किया जायेगा. मंत्री रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बातें कहीं. वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से अपील की कि यह कोई मजहब या जाति देखकर बीमारी नहीं फैलती है, सबको हो सकता है, इस कारण जहां जो संभव हो, उसको जांच करा लेना चाहिए. इस अपील पर सारे लोगों ने जांच कराने पर हामी भरी है. अब शुक्रवार को फिर से जांच होगी.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुए शामिल, सीएम ने कहा-हिंदपीढ़ीवासी प्रशासन को सहयोग करें, बड़े पैमाने पर जांच होगी
कोरोना को रोकना है तो हमें रुकना होगा. राज्यवासियों को जल्दबाजी नहीं करनी है. खुद की सुरक्षा, अपने परिवार की सुरक्षा और समाज की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेवारी है. इस बात को समझने और खुद में उतारने की आवश्यकता है. हिंदपीढ़ी में एक महिला कोरोना संक्रमित मिली है. ऐसी स्थिति में वहां के लोगों का जांच बेहद जरूरी है. बड़े पैमाने पर जांच होगी. सरकार हिंदपीढ़ी में जांच शिविर लगाने पर विचार कर रही है ताकि घर घर जाने की आवश्यकता स्वास्थ्यकर्मियों को न पड़े. मेरा सभी से अनुरोध होगा कि इस कार्य में हिंदपीढ़ीवासी प्रशासन को सहयोग करें. यह उनकी ही सुरक्षा के लिए किया जा रहा कार्य है. ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही. श्री सोरेन प्रधानमंत्री के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे.
अधिक से अधिक जांच हो, एहतियात बरतने का निदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक जांच हो. यह तय किया जा रहा रहा है. जांच के लिए व्यवस्था की जा रही है. इस समय एहतियात बरतना अहम है, इसको प्राथमिकता देनी है. वरीय अधिकारियों को इस संबंध में आदेश दिया गया है. बाहर से आनेवाले लोग स्वतः जांच कराएं, इसमें डरने की आवश्यकता नहीं है.
केंद्र सरकार ने सहयोग देने की बात कही
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी राज्य के मुख्यमंत्री जुड़े थे. कुछ ही राज्य को प्रधानमंत्री से बात करने व अपने राज्य की स्थिति से अवगत कराने का अवसर मिला. जब झारखण्ड को अवसर मिलेगा तो हम भी अपनी बात रखेंगे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराने की बात सामने आई. आर्थिक पहलु पर भी बात हुई. प्रधानमंत्री ने चिकित्सीय संसाधन के लिए मदद करने की बात कही है. साथ ही राज्यों को सलाह दी गई कि वे अपने स्तर से भी दुनिया में कहीं से संसाधनों को मंगा सकते हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद, मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव सुनील श्रीवास्तव व अन्य उपस्थित थे.






