देवघर : देवघर-श्रावणी मेला के सुव्यवस्थित तरीके से आयोजन को लेकर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित हुई. इस दौरान उपायुक्त ने मेला क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. ऐसे में सभी आवश्यक तैयारियों को आगामी 25 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने की हिदायत दी गई. उपायुक्त ने विभागों की बिन्दुवार समीक्षा के क्रम में संबंधित विभागों के अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को मेला के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सारी व्यवस्थाओं को और भी बेहतर बनाने का संबंधित हर विभाग को निर्देश दिये, ताकि श्रद्धालु बाबा नगरी से अच्छी अनुभूति लेकर वापस लौटें. (नीचे भी पढ़ें)

बाबा मंदिर प्रांगण और कांवरिया पथ के सारे काम ससमय पूरे करें
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने मंदिर प्रांगण में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, रंग-रोगन और नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण ससमय एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही, उन्होंने खिजुरिया से दुम्मा तक के कांवरिया पथ की साफ-सफाई, अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र, पेड़ों की छंटाई, पर्याप्त शौचालय, निर्बाध पेय जलापूर्ति, स्नानगृह व विश्राम गृहों की मरम्मत और रंग-रोगन सुनिश्चित करने को कहा. कांवरियों की सुगम पैदल यात्रा के लिए पूरे मार्ग में बेहतर बालू बिछाने, बैठने की व्यवस्था और जगह-जगह सूचना सह सहायता केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए. उपायुक्त ने मेला अवधि के दौरान बरसात के मौसम को देखते हुए विशेष एहतियात बरतने को कहा. उन्होंने जलभराव और जल-जमाव की स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने, विद्युत से जुड़े सभी कार्य सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करने, श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था और पार्किंग स्थलों को सुदृढ़ करने का निर्देश भी दिया ताकि बारिश के कारण श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. इसके अलावा, मेला क्षेत्र के सभी पंडालों को अनिवार्य रूप से वॉटरप्रूफ और मजबूत बनाने को कहा गया है. यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र की सड़कों की त्वरित मरम्मत और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. मेले में तैनात होनेवाले पुलिस बल और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सुरक्षित व व्यवस्थित व्यवस्था को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए. (नीचे भी पढ़ें)

श्रद्धालुओं की सेहत की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है. उपायुक्त ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के आवासन के साथ-साथ मेला क्षेत्र में जीवन रक्षक दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा. इसके लिए जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, अस्थाई अस्पताल, और हेल्थ कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीम चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेगी और छोटे-बड़े एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था ससमय सुनिश्चित की जाएगी. समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने मेला से संबंधित सभी विभागों की कार्यशैली की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने बाबा मंदिर, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, परिहवन विभाग, भवन प्रमंडल, राष्ट्रीय उच्च पथ विभाग, आरसीडी, एनआरपी, विशेष प्रमंडल, विद्युत आपूर्ति, वर्क डिवीजन, पथ निर्माण विभाग, नजारत, देवघर शहरी क्षेत्र में साज-सज्जा के कार्य एवं सूचना जनसम्पर्क विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर संबंधित वरीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये. उपायुक्त ने संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि मेले की व्यवस्था में कोई कमी न रहे. उन्होंने मेला क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों के जाल से कवर करने और उनकी चौबीसों घंटे लाइव निगरानी सुनिश्चित करने को कहा. इसके साथ ही, इंटिग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम को पूरी तरह से सुव्यवस्थित और आधुनिक तकनीक से लैस करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं को मेले की हर छोटी-बड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए इस बार सूचना तंत्र को आधुनिक और व्यापक बनाने का निर्देश दिया. इसके तहत पूरे मेला क्षेत्र में 34 सूचना सह सहायता केंद्रों को हाइटेक रूप दिया जाएगा, जहां से प्रचार-प्रसार के साथ-साथ श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिलेगी. इसके अतिरिक्त, मीडिया सेंटर एवं महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की विशेष सुविधा को ध्यान में रखते हुए 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए जा रहे हैं, जो चौबीसों घंटे पूरी तरह सक्रिय रहेंगे. साथ ही मेले को भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग देने के लिए इस वर्ष 06 भव्य सांस्कृतिक मंच बनाए जा रहे हैं, जहां विभिन्न भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके साथ ही सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 30 एलईडी स्क्रीन, शिवलोक परिसर में एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा. साथ ही, लाइट एंड साउंड शो का आयोजन शिवगंगा व जलसार में आयोजित होगा. वहीं टॉवर चौक व बाबा मंदिर में लेजर शो का आयोजन किया जाएगा, जहां तकनीक और आस्था के इस संगम से श्रद्धालुओं को एक अनूठा और दिव्य अनुभव प्राप्त होगा. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने राजकीय श्रावणी मेला को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में बेहतर साज-सज्जा और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही, उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र को रोशनी से सराबोर करने का निर्देश भी दिया, ताकि रात के समय भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो. इसके साथ ही, बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने विद्युत से जुड़े सभी कार्यों पर विशेष ध्यान देने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी. बिजली के खुले तारों को दुरुस्त करने, ट्रांसफॉर्मर की सुरक्षा बढ़ाने और अर्थिंग आदि की पुख्ता जांच करने को कहा ताकि शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके. बैठक में डीडीसी पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, सिविल सर्जन, डीपीआरओ राहुल कुमार भारती, गोपनीय प्रभारी मुकेश कुमार, विद्युत आपूर्ति विभाग के अभियन्ता, कार्यपालक अभियन्ता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियन्ता, कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण कार्य प्रमंडल, समेत सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.






