
रांची : सरकारी स्कूलों, यूनिवर्सिटी और बोर्ड का संशोधित सिलेबस दुर्गा पूजा के बाद जारी हो जाएगा. शिक्षा मंत्री के बीमार रहने के कारण अब तक इसे राज्य सरकार की मंजूरी नहीं मिल सकी है. अब मुख्यमंत्री द्वारा संशोधित सिलेबस पर सहमति मिलेगी तब इसे लागू किया जाएगा. शिक्षकों ने एक सप्ताह में सिलेबस संशोधित कर शिक्षा विभाग को सौंप दिया था. लेकिन विभाग पिछले डेढ़ महीने में इसे मंजूरी नहीं दे सका है. संशोधित सिलेबस जारी होने के लिए सरकार की मंजूरी आवश्यक है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पिछले महीने से अस्वस्थ चल रहे हैं. ऐसे में प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की सहमति आवश्यक है. संशोधित सिलेबस नहीं आने की वजह से 2021 में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ती जा रही है. उन्हें अब तक यही नहीं पता चल पा रहा है कि किस चैप्टर से प्रश्न आएंगे और किससे नहीं आएंगे. मार्च में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संभावित है. अक्टूबर के अंत तक सिलेबस जारी भी होता है तो चार महीने का ही समय छात्र-छात्राओं को मिल सकेगा. चार महीने में 60 फीसदी सिलेबस को कंप्लीट करना होगा. वहीं, आठवीं, नौवीं और 11वीं बोर्ड की परीक्षा ओएमआर शीट पर फरवरी में होगी. संशोधित सिलेबस में हाई और प्लस टू स्कूलों समेत प्राथमिक और मिडिल स्कूल के पाठ्यक्रम में भी कटौती की गई है. इंटरमीडिएट में निर्धारित अनिवार्य विषयों के साथ-साथ भाषा और ऐच्छिक विषयों को भी संशोधित किया गया है. जैक प्रस्तावित संशोधित सिलेबस के आधार पर मॉडल प्रश्न पत्र भी तैयार कर रहा है. सरकार की ओर से संशोधित सिलेबस जारी होने के बाद मॉडल प्रश्न पत्र भी जारी किया जाएगा. साथ ही वेटेज ऑफ मार्क्स भी जारी किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को पता चल सकेगा कि किस चैप्टर से कितने अंक के प्रश्न आ सकेंगे.





