जमशेदपुर : झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा प्रतिबंधित ग्लॉक पिस्तौल का इस्तेमाल करने का एक बार फिर से मामला गर्मा गया है. इस मामले को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक के सरयू राय ने उठाया था जिसके बाद इस मामले की जांच की गई जिसमें यह पाया गया कि ग्लॉक पिस्टल प्रतिबंधित है और मंत्री रहते हुए बन्ना गुप्ता ने इसको खरीदा था. इस मामले में जमशेदपुर के उपायुक्त के स्तर पर जांच की गई जिसमें पाया गया कि या गलत है और इसको लेकर हथियार सरेंडर करने को कहा गया जिसके बाद पूर्व मंत्री बना गुप्ता द्वारा उक्त पिस्टल को सरेंडर कर दिया गया है. बताया जाता है कि यह पिस्तौल का इस्तेमाल सिर्फ मिलिट्री और पुलिस वाले ही कर सकते हैं और इसका कोई भी सिविलियन इस्तेमाल नहीं कर सकता है. मेड इन ऑस्ट्रिया इस ग्लॉक पिस्तौल का इस्तेमाल पूर्व मंत्री बना गुप्ता अपने लाइसेंस के माध्यम से कर रहे थे. इस पिस्तौल की कीमत करीब 18 लख रुपए है और करीब 50 मीटर की दूरी तक अपना निशाना साध सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
बन्ना गुप्ता ने वर्ष 2022 के दौरान हेमंत सोरेन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से यह अत्याधुनिक 0.42 बोर की ग्लॉक पिस्टल खरीदी थी. इसकी बाजार कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है. यह पिस्टल सामान्य नागरिकों के लिए प्रतिबंधित श्रेणी में आती है, जबकि आम नागरिकों को अधिकतम 0.32 बोर तक के हथियार रखने की अनुमति होती है. बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव हारने और मंत्री पद से हटने के बाद बन्ना गुप्ता की राजनीतिक हैसियत कमजोर हुई, जिसके बाद प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लिया और शस्त्र वापसी की प्रक्रिया शुरू की. अब खुद पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने हथियार को प्रशासन को सौप दिया है.




