
जमशेदपुर : जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा झारखंड में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला रखेंगे. इसकी शुरुआत आगामी 3 एवं 4 जुलाई को पश्चिम सिंहभूम एवं पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) से करेंगे. श्री मुंडा 3 जुलाई को सरायकेला-खरसावां के राजनगर प्रखंड के खैरबानी में सुबह 11 बजे आधारशिला रखेंगे. उसी दिन अपराह्न 3 बजे हाट गम्हरिया प्रखंड के सियालजोड़ी गांव में एवं मझगांव प्रखंड के हल्दिया में अपराह्न 4 बजे एकलव्य विद्यालय की आधारशिला रखेंगे. 4 जुलाई को पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के गुड़ाबांधा प्रखंड के हतीआपता गांव में दोपहर 12.30 बजे एवं धालभूमगढ़ के घोरधुआं में अपराह्न 3.30बजे एकलव्य विद्यालय की आधारशिला रखेंगे. ज्ञात हो कि एकलव्य स्कूलों की शुरुआत 1997-98 में अनुसूचित जनजाति छात्रों (कक्षा 6 से 12 वीं) के लिए प्राथमिक से लेकर 12 वीं स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था. इसके पीछे उद्देश्य यह था कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ तक पहुंचने में सक्षम बनाया जा सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे और बेहतर बनाने के लिए 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषणा की कि 50% से अधिक एसटी आबादी और कम से कम 20,000 आदिवासी व्यक्तियों वाले प्रत्येक ब्लॉक में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय होगा. सरकार ने देश भर में452 नए स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है. नवोदय विद्यालय के तर्ज पर एकलव्य स्कूलों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा. इसके तहत राज्य में एक पहचाने गए व्यक्तिगत खेल और एक समूह के खेल के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी. खेल के लिए इन सीओई में भारतीय खेल प्राधिकरण के मानदंडों के अनुसार अत्याधुनिक प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण, बोर्डिंग और ठहरने की सुविधा, खेल किट, खेल उपकरण, प्रतियोगिता प्रदर्शन, बीमा, चिकित्सा व्यय आदि के साथ-साथ अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी.





