
रांची : शुक्रवार को झारखंड उच्च न्यायालय में हजारीबाग की एक नाबालिग युवती को कथित तौर पर जबरदस्ती एसिड पिलाए जाने के मामले में सुनवाई की गई. चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है. दो घंटे चली इस सुनवाई में झारखंड उच्च न्यायालय ने डीजीपी और गृह सचिव को तलब किया है. न्यायालय ने हजारीबाग एसपी से पूछा कि अब तक आरोपी को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया है. साथ ही न्यायालय ने पुलिस को कड़ी फटकार भी लगाई है. खंडपीठ ने एसपी से मामले को लेकर केस डायरी से जूड़े तथ्यों पर भी सवाल किए. मौखिक टिपन्नी करते हुए खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय पुलिस द्वारा किए जा रहे जांच से संतुष्ट नहीं है. शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पीड़िता और हज़ारीबाग एसपी समेत इस मामले का अनुसंधान कर रहे पदाधिकारी भी अदालत के समक्ष वीडियों कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से उपस्थित हुए. झारखंड हाइकोर्ट में हजारीबाग में नाबालिग लड़की को एसिड पिलाने के मामले में चीफ जस्टिस एवम जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट में वीसी के जरिये सुनवाई हुई. अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने 27 नवंबर को गृह सचिव एवं डीजीपी को अदालत के समक्ष वीसी के माध्यम से उपस्थित होने को कहा है. बता दें कि झारखंड हाइकोर्ट की अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज के द्वारा हजारीबाग में हुई. इस घटना के बाद हाइकोर्ट को पत्र के माध्यम से सूचना दी थी. जिसपर अदालत ने संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई शुरू की थी.














