जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित टाटा स्टील यूटिलिटीज यूनियन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन एवं इंटक के संयुक्त तत्वाधान में लिंग समानुपात पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. झारखंड इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय मुख्य अतिथि एवं रघुनाथ पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. नेताद्वय का स्वागत झारखंड इंटक की संगठन सचिव एवं इस कार्यशाला की संगठनकर्ता शिखा चौधरी ने किया. राकेश्वर पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि बड़ी बड़ी कंपनियों में इस तरह के कार्यशाला का आयोजन होता है, लेकिन असंगठित क्षेत्र में इस तरह का कार्यशाला का आयोजन नहीं होता है. (नीचे भी पढ़े)
इस तरह के कार्यशाला का आयोजन से असंगठित क्षेत्र की महिलाएं अपने अधिकार के प्रति जागरूक होगी, जिससे एक सशक्त समाज का निर्माण हो सकेगा. विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए रघुनाथ पांडेय ने कहा कि आने वाले समय में महिलाओं का इंडस्ट्री में भी मुख्य योगदान रहेगा. ऑन लाइन के माध्यम से कार्यशाला में जुड़कर इंटक की राष्ट्रीय सचिव शहनाज रफीक ने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेद भाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए राष्ट्रीय विधाई ढांचा के विषय में विस्तृत चर्चा की. उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाया है और उसे लागू करवाना नेताओं का धर्म बनता है. टाटा स्टील के पूर्व मुख्य मानव संसाधन पदाधिकारी दीपा वर्मा ने कहा कि समाज बहुत तेजी से बदल रहा है और उसमें महिलाएं भी हर क्षेत्र मे पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर गति प्रदान कर रही है. अब समाज में बेटा और बेटी मे विभेद करने का अनुपात काफी कम हुआ है. वक्ता के रूप मे बोलते हुए झारखंड इंटक के सचिव शैलेश पांडेय ने कहा कि हम संगठित होकर ही अपने हक और अधिकार को प्राप्त कर सकते है. धन्यवाद ज्ञापन इंटक नेत्री मीरा तिवारी ने दिया. कार्यशाला में पुरुष और महिलाओं ने ग्रुप बनकर आज के कार्यशाला पर ग्रुप डिस्कसन भी किया.



