
जमशेदपुर : झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (जेजेए) के आग्रह पर झारखंड सरकार द्वारा पत्रकार स्वास्थ बीमा योजना के तहत जमशेदपुर के दो पत्रकार रतन जोशी और मोहम्मद शारीक को मदद की है. रतन जोशी लकवाग्रस्त है जबकि किडनी रोग से मोहम्मद शारीक ग्रस्त है. उनको मदद पहुंचाने के लिए एक आग्रह झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से सचिव विनय चौबे को दिया गया है. इसको लेकर एक मांग पत्र सौंपा गया है. मांग पत्र में कहा गया है कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ पत्रकारिता से जुड़े अंतिम पायदान पर कार्यरत आंचलिक पत्रकार को भी मिले, परन्तु योजना में लागू की गयी शैक्षणिक योग्यता के कारण ऐसा कर पाने में वे असमर्थ होंगे. केवल आंचलिक पत्रकार ही नहीं, बल्कि कई ऐसे वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिनके पास स्नातक की डिग्री नहीं है, क्योंकि तब पत्रकारिता के लिए कोई मानक तय नहीं किया गया था. इस कारण मुख्यमंत्री से समस्त आंचलिक पत्रकारों की ओर से संगठन करता है कि शैक्षणिक योग्यता में स्नातक की अनिवार्यता को समाप्त किया जाये. आग्रह मुख्यमंत्री झारखण्ड में पेंशन योजना अधिनियम लागू होने के बावजूद अबतक इस योजना से झारखंड के सेवानिवृत्त पत्रकार लाभान्वित नहीं हो रहे हैं. इन लोगों ने आग्रह किया है कि झारखण्ड पत्रकार पेंशन योजना को लागू कर सेवानिवृत्त पत्रकारों के आर्थिक संकट को दूर करें. मुख्यमंत्री लम्बे समय से झारखंड के दो पत्रकार गम्भीर रूप से बीमार हैं. उन दोनों पत्रकारों के लिए आर्थिक सहायता को मंजूरी प्रदान की थी. उसके बावजूद उन्हें अब तक सहायता नहीं मिल पायी है. इसके अलावा जेजेए के संस्थापक अध्यक्ष शहनवाज हसन ने दिवंगत पत्रकार इंद्रदेव यादव, पत्रकार चंदन तिवारी, चतरा के शशिभूषण सिंह जैसे पत्रकारों को मरणोपरांत परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है.






