जमशेदपुर: झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर शनिवार को सड़क मार्ग से घाटशिला के मऊ भंडार स्थित एचसीएल मैदान पहुंचा. जहां क्षेत्र के लोगों के दर्शनार्थ रखा गया. यहां हजारों की संख्या में लोगों ने दिवंगत शिक्षा मंत्री के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी और उनके अंतिम दर्शन किए. श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, ईचागढ़ की विधायक सविता महतो, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार बलमुचू, भाजपा नेता और घाटशिला विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रहे बाबूलाल सोरेन, उनके बड़े भाई सिमल सोरेन, छोटे भाई बबलू सोरेन सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे. मालूम हो की शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था. अपने आवास के वॉशरूम में गिरने की वजह से उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था. उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली अपोलो ले जाया गया था, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका. शिक्षा मंत्री के निधन पर पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. (नीचे भी पढ़े)
राज्य सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है. मालूम हो कि चंपई सोरेन और रामदास सोरेन एक ही दल के नेता हुआ करते थे. झारखंड आंदोलन में दोनों नेताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ मिलकर लंबी लड़ाई लड़ी. मंत्रिमंडल में दोनों नेता साथ रहे. हालांकि, अब चंपई सोरेन भाजपा में शामिल हो गए हैं, मगर रामदास सोरेन के साथ बीते लम्हों को उन्होंने याद करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा कि रामदास बाबू मृदु भाषी नेता थे. उनके साथ बिताया गया समय याद आ रहा है. दु:ख के इस घड़ी में परिवार को संबल मिले और मृत आत्मा को शांति मिले ऐसी कामना करते हैं. वहीं शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपनी संवेदना प्रकट करते हुए इसे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया उन्होंने. दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की. साथ ही दुख के इस घड़ी में परिवार को संबल मिले ऐसी कामना ईश्वर से की है.



