बहरागोड़ा : बहरागोड़ा क्षेत्र के जगन्नाथ धाम पुरी की तर्ज पर आयोजित होने वाली महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथयात्रा इस वर्ष सभी धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ विभिन्न आयोजनों से ऐतिहासिक होने जा रहा है, जिसे लेकर बहरागोड़ा जगन्नाथमय बना हुआ है. दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में जगन्नाथ भक्तों में रथयात्रा को लेकर भारी उत्साह है. बहरागोड़ा के लाऊडोंका, पाटपुर, बिलदुबारजपुर, मानुषमुड़िया, कुमारडुबी, जयपुरा, कांठुलिया, बेंदा, साकरा, पानिपाड़ा, मौदा, खामार, मधुआबेड़ा, बेला गांव में श्री जगन्नाथ सेवा समिति के समर्पण से इस वर्ष की रथ यात्रा ऐतिहासिक होने की तैयारी है, जिसके तहत महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए नए पहियों वाले रथ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. कपड़ा कारीगरों द्वारा नए रथ की वस्त्र सज्जा का कार्य प्रारंभ कर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बुधवार को जगन्नाथ श्री मंदिर में नेत्र उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रभु श्री जगन्नाथ 15 दिनों की अस्वस्थता के बाद स्वस्थ होकर श्री मंदिर के सिंहासन पर अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ नवयौवन रूप में अपने भक्तों को दर्शन दिए. इस दौरान श्री जगन्नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में श्री मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन व रात्रि बेला में महाप्रसाद के वितरण का आयोजन किया गया है. इसके अगले दिन 16 जुलाई की संध्या पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ महाप्रभु की रथयात्रा आरंभ होगी. निर्धारित परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र, उसके बाद देवी सुभद्रा और अंत में भगवान श्रीजगन्नाथ प्राचीन श्री मंदिर से बाहर निकलकर नंदीघोष रथ पर विराजमान होंगे एवं रथ प्रारंभ होगी. वहीं चाकुलिया प्रखंड में भी रथ यात्रा को लेकर जोर शोर से तैयारियां की जा रही है. बता दें कि यहां नगर पंचायत क्षेत्र के नामोपाड़ा और जुगीपाड़ा से भव्य रूप में रथ यात्रा निकाली जाती है और जोड़ाम गांव स्थित तुलसीबनी शिवराम आश्रम परिसर से भी कीर्तन मंडलियों के साथ प्रभू जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी.







