पलामू : पलामू जिले के पांकी में बुधवार सुबह दो समुदायों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ने से तनाव उत्पन्न हो गया. इसको लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया. यहां तक की सूचना पाकर पहुंची पुलिस पर भी पत्थर बरसाये गये, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गये. इस दौरान आगजनी भी की गयी. उधर अचानक माहौल बिगड़ने के कारण स्थानीय स्कूलों में कई बच्चे भी फंस गये, जिन्हें बाद में प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच वहां से निकाल कर घर पहुंचाया. प्रशासन ने फिलहाल पूरे क्षेत्र में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है एवं क्षेत्र में इंटरनेट की सेवाएं भी बंद कर दी गयी हैं. मिली जानकारी के अनुसार पांकी में शिवरात्रि को लेकर एक दिन पहले विवाद शुरू हुआ था. (नीचे भी पढ़ें)

बीती रात को पांकी के राहेवीर पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर में होने वाले महाशिवरात्रि को लेकर तोरणद्वार लगाया जा रहा था. तोरणद्वार का काम जैसे ही कर्मचारियों ने शुरू किया, वैसे ही दूसरे पक्ष के लोगों ने तोरणद्वार बनाये जाने पर आपत्ति जतायी. आपत्तियों के बाद दोनों ओर से तनाव हो गया. बाद में मौके पर पांकी थाना प्रभारी रंजीत प्रसाद यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे. दोनों गुटों के बीच बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया. मंदिर कमेटी के एक सदस्य निरंजन सिंह पर किसी ने सिर पर डंडा से वार कर दिया, जिसके बाद सिर फट गया. देखते ही देखते पुलिस के सामने ही मसजिद चौक युद्ध का मैदान बपन गया. दोनों समुदायों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गयी. पुलिस भी भागकर वहां से अपनी जान बचानी शुरू की. कोल्ड ड्रिंक्स के बोतलों से एक दूसरे पर प्रहार किया गया. इस दौरान लोगों ने बाइक, दुकान, मकान को आग के हवाले कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

घटना की सूचना के बाद इलाके के सभी थाना की पुलिस को वहां बुला लिया गया. इसके बाद वहां हवाई फायरिंग की गयी, जिसके बाद माहौल कुछ कंट्रोल हो पाया. इस घटना की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र के आइजी राजकुमार लकड़ा, उपायुक्त ए दोड्डे, एसपी चंदन सिन्हा समेत अन्य लोग पहुंचे. पलामू के उपायुक्त ए दोड्डे ने बताया है कि पांकी में दो समूहों के बीच विवाद के बाद माहौल को कंट्रोल कर लिया गया है. अभी स्थिति पर नजर रखी गयी है. सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है. हालात को सामान्य करने की कोशिश हो रही है.



