मेदिनीनगर (पलामू) : विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की. संचालन संजय कुमार ने किया. इस मौके पर अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि आज का दिन पूरी दुनिया में गौरैया पक्षी के संरक्षण के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूकता बढ़ाने के मकसद से विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. गौरेया पक्षी आज विलुप्त होने के कगार पर है. घरों में चहकने वाली चिड़िया अब दिखाई नहीं दे रही है. ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो गया है कि पर्यावरण और सृष्टि के संरक्षण को कायम रखने के लिए हम सब मिलकर इसके संरक्षण के प्रति संजीदा होकर विचार करें. गौरैया पक्षी के अस्तित्व पर संकट सिर्फ गौरैया पक्षी के लिए ही नहीं, बल्कि यह स्थिति में पूरी मानव जाति के लिए भी खतरनाक है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि गौरैया पक्षी का अस्तित्व बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने उसे राज्य पक्षी घोषित किया है. इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय डाक विभाग ने 9 जुलाई, 2010 को ₹5 का डाक टिकट जारी किया है. गुजरात सरकार ने भी गौरैया पुरस्कार देने की घोषणा की है. गौरैया पक्षी प्रकृति का एक अहम हिस्सा है. गौरैयों की संख्या घटने के पीछे बढ़ता शहरीकरण एवं पेड़ों की कटाई जिम्मेवार है, जिसके कारण घोंसले बनाने के लिए जगह खत्म होता जा रहा है. मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन से इसकी प्रजनन क्षमता में कमी हो रही है. जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी संख्या लगातार घट रही है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि गौरैयों का अस्तित्व बचाने के लिए झारखंड सरकार भी गौरैया को राज्य पक्षी घोषित करे. गौरैयों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए. इस अवसर पर संजीत कुमार, उपेंद्र तिवारी, संजय मिस्त्री, उत्तम कुमार, विनय राम, यशवंत कुमार, संजय चौरसिया, प्रदीप राम, संतोष विश्वकर्मा, सतीश दुबे व अजीत कुमार ने पलामू में चिड़ियाघर बनाने की मांग झारखंड सरकार से की. राम नरेश महतो ने धन्यवाद ज्ञापन किया.



