
रांची : देश में लॉक डाउन के दौरान झारखंड सरकार ने गरीबो या वैसे लोग जिन्हें खाना नही मिल रहा है उन सबके लिए कम्युनिटी किचन सेवा शुरू किया है. आपको बता दे कि इसके अंतर्गत सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी इंसान खाली पेट न सोये. और इस योजना में सबसे ज्यादा सहयोग पुलिस के अधिकारी दे रहे है. हर थाना में कम्यूनिटी किचेन संचालित हो रहे है. इस किचेन के जरिये पुलिस का चेहरा ही बदल गया है. बात सोचने वाली है कि एक तरफ जहाँ पूरा देश कोरोना से बचने के लिए अपने घरो में बैठा है वही प्रशासन के लोग अपने ड्यूटी में लगे है और लोगो को समझाने का प्रयास कर रहे है. इसके साथ ही झारखण्ड के हर जिलो में हर थाने में पुलिसवाले जिम्मेदारी से इस बात की निगरानी कर रहे है कि लोगो तक खाना पहुंचे और लोग भूखे न सोये. प्राप्त आंकड़ा के अनुसार पुरे राज्य के चौबीस जिलो में अब तक कुल 899465 व्यक्तियों को भोजन कराया जा चूका है. अब तक पूरे झारखण्ड में सबसे ज्यादा व्यक्तियों को धनबाद में खिलाया गया है. और जमशेदपुर इस मामले में दूसरे नम्बर पर है. झारखंड की राजधानी राँची इस मामले में तीसरे नंबर पर है. आपको बता दे कि धनबाद में यह आंकड़ा एक लाख अस्सी हजार के पार है. जबकि जमशेदपुर में यह एक लाख तीस हजार के पार है. वही राँची में यह एक लाख बीस हजार लोगों को खाना खिलाया जा चुका है. इस मामले में सबसे कम आंकड़े साहेबगंज और जामताड़ा के है. इन दोनों जगहों के आंकड़े ढाई से तीन हजार के बीच है. इस आपदा के दौरान पुलिस द्वारा किये जा रहे कार्यो के लिए हर पुलिस वाले बधाई के पात्र है क्योकि सबकी जीवन के रक्षा के लिए अपना जीवन इन्होने हथेली पर रख दिया है. जाँच के दौरान इन्हें हर तरह के लोगो से सामना करना पड़ता है चाहे वो मरीज हो या आम आदमी. लेकिन फिर भी इस मुस्किल भरे हालत में लोग अपना काम ईमानदारी से निभा रहे है.








