
पलामू : झारखंड के पलामू जिले के नवाबाजार के निलंबित थाना प्रभारी लालजी यादव की आत्महत्या करने का मामला गर्माता जा रहा है. इस मामले को लेकर साहेबगंज के लोगों ने एक बार फिर से रोड जाम कर दिया. लोगों में काफी गुस्सा देखा गया. लालजी यादव का शव साहेबगंज गुरुवार की सुबह पहुंचा तो लोग सड़कों पर आ गये. लोग मामले की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे थे. एसपी पर ही लोगों ने आरोप लगाया कि एसपी ही अवैध वसूली करा रहे थे, जिसका समर्थन नहीं करने पर ऐसा कदम दारोगा को उठाना पड़ा. दारोगा लालजी यादव के पिता राम अयोध्या यादव ने कहा कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है. लालजी यादव के परिजनों ने पलामू एसपी चंदन सिन्हा, पलामू डीटीओ अनवर हुसैन, विश्रामपुर एसडीपीओ सुरजीत कुमार को आरोप बताया. लालजी यादव की पत्नी पूजा देवी, मां महेश्वर देवी, पिता राम अयोध्या यादव, भाई संजीव यादव, ससुर गोवर्धन यादव समेत पूरा परिवार यहां पहुंचा है और न्याय की गुहार लगा रहे है. सोमवार की रात को लालजी यादव ने अपने निलंबन के तीन दिन बाद थाना परिसर में ही आत्महत्या कर ली थी. इस बीच राज्य के मंत्री मिथलेश ठाकुर उर्फ मुन्नु ठाकुर ने दारोगा लालजी यादव की मौत की जांच उच्चस्तरीय कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. मंत्री ने कहा है कि इस कांड को कई तरह से जोड़कर देखा जा रहा है. जनता भी चाहती है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो, जिसके लिए उच्चस्तरीय जांच करायी जाये और भ्रम और विवाद की स्थिति को दूर किया जा सके.












