रांची : झारखंड सरकार को संकट से ऊबारने के लिए अभी भी राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका है. झामुमो अब गांडेय के खाली सीट पर चुनाव कराने की मांग को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. इस कड़ी में शुक्रवार को सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लोग झारखंड के मुख्य निर्वाची पदाधिकारी के दफ्तर पहुंचे. इन लोगों ने गांडेय विधानसभा की खाली हुई सीट पर छह माह में उपचुनाव कराने की मांग की. सर्वोच्च न्यायालय में प्रमोद लक्ष्मण गुडाधे बनाम केंद्रीय निर्वाची आयोग और अन्य का हवाला देते हुए तत्काल गांडेय का उपचुनाव कराने की मांग की गयी. इस प्रतिनिधिमंडल में झामुमो के विधायक नलिन सोरेन, भूषण तिर्की, केंद्रीय महासचिव झामुमो सुप्रियो भट्टाचार्य और झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता बिनोद पांडेय शामिल थे. (नीचे भी पढें)
आपको बता दें कि 31 दिसंबर 2023 को गांडेय सीट से झामुमो विधायक डॉ सरफराज अहमद ने अपना इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से यह सीट खाली हो गयी गयी. गांडेय से विधायक रहे डॉ सरफराज अहमद ने निजी कारणों से इस्तीफा देने की बात कहीं है, लेकिन चूंकि, इडी की दबिश ज्यादा है, इस कारण झामुमो उस सीट से अपना भावी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार को चुनाव लड़ाना चाहती है. इसको लेकर कयास लगाये जा रहे है. झामुमो ने अपने आवेदन में लिखा है कि झारखंड विधानसभा का पहला सत्र 6 जनवरी 2020 को हुआ था. संविधान के अनुच्छेद 172 के मुताबिक, पंचम झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 तक है. (नीचे भी पढें)
ऐसे में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 151 ए कंहती है कि यदि विानसभा का कार्यकाल एक साल से अधिक बचा होता है तो रिक्त सीट पर उपचुनाव होना चाहिए. वैसे भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग को उन्होंने चिट्ठी लिखकर बांबे हाईकोर्ट में कोटला उपचुनाव को लेकर दिये गये फैसले का हवाला देते हुए गांडेय सीट पर उपचुनाव नहीं कराने की मांग की है. दूसरी ओर, झामुमो अब आगे बढ़कर नयी दिल्ली जाकर चुनाव आयोग को आवेदन देने की तैयारी की गयी है. वहीं, नयी दिल्ली में आलाकमान से मिलकर कांग्रेस के विधायक दल के नेता नयी दिल्ली से लौट आये है. वे लोग नयी दिल्ली में झारखंड में चल रहे राजनीतिक संकट से अवगत कराया है. कांग्रेस ने झामुमो के साथ ही रहने का ऐलान कर दिया है.





