रांची : झारखंड मैं एक बार फिर से सियासी राजनीतिक का पारा चढ़ चुका है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर संकट का बादल छाया हुआ है. इडी की ओर से लगातार की जा रही कार्रवाई और साथ में संबंध के बाद अब लगभग तय है कि इडी का शिकंजा हेमंत सोरेन पर कसने जा रहा है. हेमंत सोरेन अब मुख्यमंत्री का अपना पद छोड़ने जा रहे हैं. हेमंत सोरेन अपनी जगह अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने जा रहे है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर गाण्डेय विधानसभा सीट को विधायक सरफराज़ अहमद ने सीट को खाली कर दी है ताकि वहां से कल्पना सोरेन को चुनाव लड़ाया जा सके. गाण्डेय विधानसभा सीट में सबसे ज्यादा आदिवासी और मुस्लिम वोटर है. (नीचे भी पढे़ं)

इस कारण इस सीट को सबसे सुरक्षित माना जा रहा है. दरअसल, सबसे ज्यादा क़ानूनी जानकारी भी ली जा रही है. जानकारों से रायशुमारी करने के बाद ही 31 दिसंबर को इस्तीफा दिलाया गया ताकि विधानसभा चुनाव के एक साल पहले सीट को खाली करा दिया जाये. संविधान कहता है कि एक साल से कम समय होने पर चुनाव नहीं होगा, एक साथ ही खाली सीट पर चुनाव होगा. आप चुनाव आयोग को यहां पर लोकसभा के चुनाव के साथ ही गाण्डेय विधानसभा का भी चुनाव करना होगा,इसलिए फूँक फूँक कर हेमंत सोरेन कदम रख रहे है. (नीचे भी पढे़ं)
कल्पना सोरेन ही क्यों, बसंत क्यों नहीं
जानकारों का कहना है कि इडी की जांच का दायरा हेमंत सोरेन के भाई और विधायक बसंत सोरेन तक भी है. इस कारण उनको भी मुख्यमंत्री बनाना रिस्क होगा. इसलिए कल्पना सोरेन को ही सुरक्षित माना जा रहा है. कल्पना सोरेन को लेकर भी हेमंत सोरेन कोई रिस्क लेने की स्थिति में नहीं है. क्योंकि इस कल्पना सोरेन खुद उड़ीसा की रहने वाली है इस कारण आदिवासी सुरक्षित सीट पर कल्पना सोरेन को चुनाव लड़ा कर रिस्क लेना नहीं चाहती है इसलिए सामान्य सीट गाण्डेय को ही सुरक्षित मानते हुए उनको वहां से चुनाव लड़ाया जा रहा है. (नीचे भी पढे़ं)

शिबू सोरेन ने बुलाई विधायक दल की बुधवार को बैठक, सत्ताधारी दल की भी बैठक होंगी, फिर दे सकते है इस्तीफा – राजनीतिक उथल-पुथल के बीच झामुमो के सुप्रीमो गुरुजी शिबू सोरेन ने बुधवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर यह बैठक होगी. बताया जाता है कि बैठक में कल्पना सोरेन को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है. संविधान के मुताबिक बिना विधायक के कोई भी मुख्यमंत्री 6 महीने तक बना रह सकता है. इस बीच चुनाव आयोग चुनाव कर देगी तो कल्पना सोरेन गाण्डेय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर जीत जाएगी तो इस पद पर वह बनी रह सकती है. दूसरे ओर झामुमो की विधायक दल की बैठक के बाद सत्ताधारी दलों के विधायक की बैठक शाम को साढ़े चार बजे बुलाई गयी है, जिसमे कल्पना सोरेन को विधायक दल का नेता बनाया जायेगा और हो सकता है कि वहीं से सारे लोग राजभवन चले जाये और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपना इस्तीफा दे देंगे और कल्पना सोरेन को विधायक दल का नेता के रूप में जानकारी देंगे. इस बैठक में भगवान लेने के लिए कांग्रेस के झारखंड के नये प्रभारी गनी मिर आ चुके है. इसके बाद कल्पना नई सीएम बन जाएगी. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने महाधिवक्ता समेत अन्य जानकारों से रायशुमारी की है.






