रांची : ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंटस ऑर्गेनाइजेशन (एआइडीएसओ) की झारखंड राज्य कमेटी के नेतृत्व में झारखंड के विभिन्न जिलों के सैकड़ों छात्र छात्राओं ने शुक्रवार को यहां मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया. एआइडीएसओ की झारखंड राज्य कमेटी के नेतृत्व में आयोजित उक्त प्रदर्शन के केंद्रीय कोषाध्यक्ष शम्सुल आलम मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए. झारखंड के विभिन्न जिलों से प्रदर्शन में शामिल छात्र जुलूस के रूप में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से राजभवन तक गए एवं शिक्षा के प्रति सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ जोरदार नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की. (नीचे भी पढ़ें)

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय कोषाध्यक्ष शम्सुल आलम ने कहा कि आज पूरे देश में छात्र नौजवान सड़क पर हैं, शिक्षा बदहाल है, सरकारी आंकड़े के अनुसार लगभग 90 हजार स्कूल 2014 से अब तक बंद किए जा चुके हैं. मध्यप्रदेश, ओडिशा कर्नाटक,उत्तर प्रदेश ,पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ झारखंड जैसे राज्यों में नई शिक्षा नीति के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है. छात्र आंदोलनों के दबाव में कर्नाटक सरकार ने सरकारी स्कूल को बंद करने का निर्णय वापस लिया. ये सभी गतिविधियां नई शिक्षा नीति के नाम पर चल रही हैं. शिक्षा के नैतिक स्तर में गिरावट आ रही है. आज युवा वर्ग देश के महान मनीषियों को भुलाकर इंटरनेट के जाल में फंस चुका है और इंटरनेट की दुनिया को वास्तविक दुनिया मान रहा है. इसके कारण कम उम्र के बच्चों में हिंसा और आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है. प्राथमिक स्तर से उच्च स्तर तक शिक्षा व्यवस्था में घोर अभाव है. एक ही राज्य में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था बढ़ती जा रही है. सरकारी शिक्षण संस्थानों की दुर्गति हो रही और निजी स्कूल कॉलेज लगातार बढ़ रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
प्रदेश अध्यक्ष समर महतो ने कहा कि झारखंड में जिस तरह से नई शिक्षा नीति को लागू किया जा रहा है, वह आने वाले समय में न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को खराब करेगा, बल्कि ये छात्र और शिक्षकों के लिए भी घातक होगा. सरकार की मंशा यदि शिक्षा को बचाने की है तो अविलंब शिक्षा को व्यापार बनाने और संकुचित करने वाली नई शिक्षा नीति को वापस ले. केंद्र और राज्य सरकार के आपसी विवाद में राज्य के लाखों छात्रों को अभी तक वर्ष 2024- 25 की छात्रवृत्ति नहीं मिली, जबकि शिक्षण संस्थानों में फीस के लिए छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है. प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष समर महतो, उपाध्यक्ष जीवन कुमार यादव,रिंकी बांसियार, सचिव सोहन महतो,कोषाध्यक्ष युधिष्ठिर कुमार,राज्य सचिव मंडली सदस्य प्रदीप कुमार यादव, जूलियस फुचिक, विशेश्वर महतो, प्रभात महतो, सगुण हंसदा, सविता सोरेन,झरना महतो, बबीता सोरेन अपूर्व महतो सहित विभिन्न जिलों से सैकड़ों छात्र छात्राये शामिल हुई.



