गोड्डा : राज्य के गोड्डा एवं दुमका व्यवहार न्यायालयों पर आगामी 3 जुलाई को हमले की आशंका के मद्देनजर पुलिस एवं प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. ऐसा हाल ही स्पीड पोस्ट से एक पत्र प्राप्त होने के बाद किया गया है. प्रशासन ने पत्र प्राप्त होने के बाद से दोनों ही जिलों में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी है. दुमका पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच भी शुरू कर दी है और सुरक्षा इंतजामात की मुकम्मल ऑडिट कराई जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)

मिली जानकारी के अनुसार धमकी भरा पत्र मिलने की सूचना मिलते ही दुमका एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार स्वयं न्यायालय परिसर पहुंचे और कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया. श्री खेरवार ने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. एहतियात के तौर पर न्यायालय परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार, दुमका व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को स्पीड पोस्ट के जरिए एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें आगामी 3 जुलाई को दुमका और गोड्डा व्यवहार न्यायालयों पर हमले की आशंका जताई गई है. पत्र पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले के भातार थाना क्षेत्र निवासी चंचल राय के नाम से भेजा गया है. पत्र मिलने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तुरत इसकी जानकारी दुमका एसपी को दी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये. इसके बाद पुलिस ने पत्र की सत्यता और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है. (नीचे भी पढ़ें)
उधर जांच के क्रम में पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले में दिए गए पते पर रहने वाले 55 वर्षीय चंचल राय ने पूछताछ के दौरान उक्त पत्र से कोई संबंध होने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि किसी ने उनके नाम और पते का दुरुपयोग किया है और यह उनके खिलाफ रची गई साजिश हो सकती है. चंचल राय ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने ऐसा कोई पत्र भेजा है. इसके बाद जांच एजेंसियों ने इस बात की पड़ताल शुरू कर दी है कि आखिर पत्र किसने और किस उद्देश्य से भेजा. मामले की गंभीरता को देखते हुए दुमका पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान भी पहुंची है. वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से पत्र भेजे जाने की पूरी प्रक्रिया, स्पीड पोस्ट की बुकिंग, संबंधित डाकघर और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पत्र वास्तव में किसने भेजा और क्या इसके पीछे कोई शरारती तत्व है या फिर कोई बड़ी साजिश. जांच में डाक विभाग से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है.







