
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमले का मुख्य आरोपी भैरव सिंह ने रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर किया है. गुरुवार को भैरव ने खुद को आत्मसमर्पण किया. इस मामले में कुल 72 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है. मगर, हमले का प्रमुख अभियुक्त भैरव सिंह था. रांची सिविल कोर्ट में गुरुवार को सुबह से ही पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गयी थी. रांची के किशोरगंज चौक पर चार जनवरी की शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमले का प्रयास किया गया था. इस मामले को लेकर एएसआइ सदानंद कुमार के बयान पर 72 नामजद समेत 50 अज्ञात महिला-पुरुष पर सुखदेव नगर थाना में मामला दर्ज हुआ था. इन सभी लोगों के खिलाफ धारा 147,148,149, 152, 153, 186, 189, 290, 323, 307, 353, 341, 342, 333, 504,269, 270, 120इ आइपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था. गौरतलब है कि 4 जनवरी को सीएम हेमंत सोरेन का काफिला झारखंड मंत्रालय से लौट रहा था. इसी दौरान किशोरगंज चौक के पास उपद्रवियों के झुंड ने सुनियोजित साजिश के तहत काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी. हालांकि रांची पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सीएम के काफिले को रूट डायवर्ट कर दिया था और सीएम को सुरक्षित मुख्यमंत्री आवास पहुंचाया था. इस गंभीर घटना के कारणों की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया है. इसको लेकर रांची के डीसी और एसएसपी को शोकॉज किया गया है.

दूसरी ओर, झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो को जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक शख्स को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है. बुधवार को मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले नीलेश कमलेश पांडे को मुंबई के शिवाजी नगर के बैंगनवाड़ी इलाके से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि कमलेश पांडे ने झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो को पिछले वर्ष 14 अगस्त को फोन किया था और उनसे 15 लाख रुपए रंगदारी मांगे थे. आरोपी ने महतो को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने उसे पैसे नहीं दिए, तो वो घर में घुसकर उन्हें गोली मार देगा. अधिकारी ने बताया कि रांची से सटे सिल्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुदेश महतो ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि श्री महतो के निजी सहायक महेंद्र कुमार शर्मा ने अज्ञात हमवालर के खिलाफ उनकी ओर से शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि इस मामले में रांची के गोंडा पुलिस थाने में आईपीसी की धाराओं 385 (जबरन वसूली करने के लिए व्यक्ति में चोट पहुंचने का भय पैदा करना) और 387 (जबरन वसूली करने के लिए व्यक्ति में हत्या होने या गंभीर चोट पहुंचने का भय पैदा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था. अधिकारी ने कहा कि जांच में यह सामने आया कि संदिग्ध मुंबई के शिवाजीनगर इलाके में रहता है. उन्होंने बताया कि रांची पुलिस ने संदिग्ध की तस्वीर और एक मोबाइल नंबर मुंबई पुलिस को भेजा था. अधिकारी ने कहा कि इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रॉन्च की इकाई-छह ने इलाके में जाल बिछाया और आरोपी नीलेश कमलेश पांडे को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 11 जनवरी तक ट्रांसिट रिमांड में भेज दिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेने के लिए झारखंड पुलिस मुंबई पहुंची थी, जिसके बाद उसे उनके हवाले कर दिया गया.













