
रांची : झारखंड में 27 अप्रैल से चल रहे लॉकडाउन को अब समाप्त करने की तैयारी की जा रही है. इसको आहिस्ता-आहिस्ता सारी दुकानों और कारोबार को खोला जायेगा. इस बार चूंकि, काफी चीजें पहले से ही खुली थी, इस कारण हर सप्ताह दस-दस चीजों को खोलने की इजाजत दी जायेगी. इसको लेकर तैयारी कर रही है. स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग इसके लिए रणनीति तैयार कर रही है और एक पूरा खाका बनाकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दे दिया है. 3 जून से लॉकडाउन को समाप्त करने की तैयारी की जा रही है और अनलॉक कई फेज में किया जायेगा ताकि एक साथ बाजारों में फिर से भीड़ नहीं बढ़ जाये और लोग सड़कों पर निकल जाये. इसको रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विट कर जनता से जानकारी मांगी है और सुझाव मांगा है कि अनलॉक 1 को लागू किया जाये. अनलॉक-1 को कैसा होना चाहिए, यह सुझाव मांगा गया है. उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में आपके दिये गये सहयोग से हमने कोरोना के दूसरे लहर पर काबू पा लिया है. जीवन और जीविका के इस संघर्ष में अब हमारा ध्यान जीविका पर है इस कारण अपने बहुमूल्य विचार कमेंट कर साझा करें कि कैसा होनी चाहिए अनलॉक 1 की प्रक्रिया ?
किन दुकानों को खोलने के लिए क्या हो रहा है विचार, क्या है विकल्प
राज्य सरकार एक विकल्प खोज रही है कि क्या सप्ताह में दो-दो दिन या तीन दिन तक कुछ दुकानों को इजाजत दी जाये और कुछ दुकानों को तीन दिन बंद किया जाये. जूते, चप्पल, कपड़े की दुकानों को खोलने की इजाजत पहले दी जाये. स्टेशनरी की दुकानों को जल्द खोला जायेगा. कंप्यूटर और मोबाइल की दुकानों को पहले खोलने की इजाजत दी जायेगी. इसको लेकर एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार को दिया अनलॉक करने का सुझाव
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन की जो प्रक्रिया चल रही है, उससे बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, व्यापारी व उनके कर्मचारी परेशान हैं. स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं. बच्चों को किताबों, कॉपियों के साथ अन्य स्टेशनरी की जरूरत है. लेकिन किताबें व स्टेशनरी की दुकानें नहीं खुलने के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है. ऑनलाइन पढ़ाई होने के कारण मोबाइल व लैपटॉप की भी जरूरत पड़ रही है. इसी प्रकार कपड़े की भी रोजाना लोगों को जरूरत पड़ती है. जूता-चप्पल, बर्तन, सैलून आदि का व्यापार भी चौपट हो रहा है. इन व्यवसायों से जुड़े लोगों व उनके कर्मचारियों के लिए भूखमरी की समस्या खड़ी हो रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि सकारात्मक सोच दिखाते हुए इनकी भी चिंता करें. साथ ही सुझाव दिया है कि जिस प्रकार बिल्डिंग मैटेरियल से जुड़ी दुकानें खुल रही हैं, इन व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सप्ताह में कम से कम दो दिन खोलने की दिशा में कार्य करें. सबसे बेहतर होता कि व्यापार को वर्गों में बांटकर दिवस निर्धारित कर सप्ताह में दो-दो या तीन-तीन दिन सभी प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दें. इससे बाजारों में भीड़ भी नियंत्रित रहेगी और इन व्यापारों से जुड़ें लोगों का भी परिवार चलता रहे। साथ ही लोगों की जरूरतें भी पूरी होती रहेगी.





